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इन तरीकों से बन जाएं बेटी की सबसे खास दोस्त, नहीं रहेगी शिकायतें
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तेजस्वी मेहता
Updated Sun, 10 Jan 2021 08:02 PM IST
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आप अपनी बेटी की सबसे अच्छी दोस्त बन जाएं
- फोटो : Social Media
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जब बेटी युवावस्था की दहलीज पर कदम रखती है तो उसके स्वभाव में तरह-तरह के परिवर्तन होते हैं। कई बार ऐसी स्थिति में बेटी को लगता है कि उसे कोई समझता नहीं है। हालांकि इस उम्र में बेटियों को सबसे ज्यादा उम्मीद अपनी मम्मी से ही होती है। हर मां का परवरिश का तरीका भी अलग होता है। कोई मां सख्त होती है, कोई बहुत नर्म, अति दोनों की ही बुरी है इसलिए बहुत जरूरी है कि इस उम्र में सामंजस्य बैठाकर चलें। इस उम्र में सबसे बेहतर यही है कि आप अपनी बेटी की सबसे अच्छी दोस्त बन जाएं। अगली स्लाइड्स से जानिए किन तरीकों से आप अपनी बेटी की सबसे अच्छी दोस्त बन सकती हैं।
बात को ध्यान से सुनें
इस उम्र में बेटी के साथ अलग-अलग तरह के अनुभव होंगे। जिसमें से कुछ बहुत अच्छे होंगे, कुछ उसे परेशान भी करेंगे। ऐसे में उसे आवश्यकता होगी कि कोई उसकी बातों को सुन लें। यदि इस वक्त आपने उसे नजरअंदाज कर दिया तो वो आपको कभी कोई भी बात बताने में कई बार सोचेगी। यदि आपने धैर्यपूर्वक उसकी बातों को सुना तो वो आपसे हमेशा अपनी चीजें साझा करेगी।
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अपने हाव-भाव को सामान्य ही रहने दें
- फोटो : social media
ओवर रिएक्ट न करें
कभी भी बेटी जब कोई बात बता रही है तो उस पर ओवर रिएक्ट करने की बजाय उसे पहले सुन लें। इस दौरान अपने हाव-भाव को सामान्य ही रहने दें। यदि कोई बात आपको लगती है कि अनुचित है या फिर आपके समझ के बाहर है तो उस पर एकबार बेटी के नजरिये से भी विचार करने की कोशिश करें क्योंकि आपके और उसके समय में बहुत अंतर है।
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हां कहकर ये महसूस करवाएं कि आप उसे समझ रही हैं
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हर बात के लिए न मत कहिए
इस उम्र में जब बच्चे देखते हैं कि सब दोस्त पार्टी कर रहे हैं, घूम रहे हैं तो बच्चों का कहना होता है कि उन्हें भी ये सब करना है। ऐसी स्थिति में उन्हें प्यार से समझाएं और हर बात के लिए उन्हें मना भी न करें नहीं तो बेटी बागी बनने लगेगी। उसे महसूस होगा कि आप उसपर पाबंदी लगा रहे हैं इसलिए उसे हर बात के लिए हमेशा न नहीं कहें। उसे हां कहकर ये महसूस करवाएं कि आप उसे समझ रही हैं।
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आपकी बेटी का आप पर विश्वास बनेगा
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गुस्सा न करें
इस उम्र में यदि आप अपनी बच्ची पर बहुत अधिक गुस्सा करेंगी, डांटेंगी तो वह आपसे दूर हो जाएगी। फिर दोस्ती का रिश्ता निभाना तो बहुत ही मुश्किल हो जाएगी। इसलिए उनपर गुस्सा करने की बजाय उन्हें इस समय ज्यादा से ज्यादा समझने का प्रयास करें। उल्टा इस समय आपका फर्ज तो ये बनता है कि घर के अन्य सदस्यों की डांट से भी उन्हें बचाएं। ऐसा करने से आपकी बेटी का आप पर विश्वास बनेगा।
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