युवाओं की जीवनशैली में रिसेशन शब्द हतोत्साहित करने वाला होता है। बेरोजगारी बढ़ने पर जब भी चर्चा होती है तो जॉब रिसेशन का जिक्र आता है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। जॉब रिसेशन तो ठीक, लेकिन ये सेक्स रिसेशन भला कौन-सी बला है? इस उलझन के बारे में हम आपको बता रहे हैं।
क्या है सेक्स रिसेशन? युवाओं में क्यों दिखाई दे रहे हैं इसके लक्षण
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क्या होता है सेक्स रिसेशन?
सेक्स रिसेशन का मतलब होता है- सेक्स में घटती दिलचस्पी। खासतौर से कम उम्र में ही युवाओं की सेक्स में रुचि घटने लगे, तो यह सेक्स रिसेशन का संकेत हो सकता है। चिकित्सक बताते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ सेक्स में दिलचस्पी कम होना सामान्य बात है, लेकिन अगर कम उम्र में ही ऐसा हो रहा है, तो यह संकेत अच्छे नहीं हैं। इस बारे में हुई कुछ रिसर्च के अनुसार, पिछले कुछ दशकों की तुलना में हाल के वर्षों में युवाओं की सेक्स में रुचि कम हुई है।
नेशनल सर्वे ऑफ सेक्सुअल एंड लाइफस्टाइल ने साल 2013 में इस बारे में आंकड़ा जारी किया था, जिसके अनुसार 16 से 44 वर्ष की उम्र वाले लोग हर महीने पांच से कम बार ही सेक्स करने लगे हैं। वहीं, 2014 में ऑस्ट्रलियाई नेशनल सर्वे ऑफ सेक्सुअल एक्टिविटी का आंकड़ा बताता है कि कपल्स अब हफ्ते में महज दो बार सेक्स संबंध बना रहे हैं, जबकि 10 साल पहले कपल्स हफ्ते में औसतन चार बार संबंध बनाते थे।
जापान और ब्रिटेन में भी घटी रुचि
जापान की बात करें तो एक सर्वे के अनुसार 16 से 25 साल की उम्र की 46 फीसदी जापानी महिलाएं और 25 फीसदी जापानी पुरुष सेक्स संबंध से नफरत करते हैं। वहीं, ब्रिटेन में 16 से 44 वर्ष के युवाओं में सेक्सुअल एक्टिविटी 50 फीसदी कम हुई है।
आखिर क्या हैं कारण
सेक्स रिसेशन के पीछे कई वजहें बताई जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि सेक्स रिसेशन के पीछे तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल बड़ा कारण है। ऑनलाइन पोर्नोग्राफी, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने से भी लोगों की रुचि सेक्स में कम होती जा रही है।