जब पहली बार शकुन को अपने पति के बेवफा होने का अंदेशा हुआ तो पति ने उसे तमाम इमोशनल कहानियां बनाकर इस तरह मनाया कि शकुन खुद को ही कोसने लगी। इस बात के लगभग साल भर बाद सच पूरी तरह शकुन के सामने आ गया। पति किसी और के साथ जुड़ चुके थे और शकुन के साथ बेवफाई कर रहे थे। बाकी सारी बातों के अलावा शकुन के लिए सबसे बड़ा धक्का विश्वास के टूटने का था। उसे इस बात पर यकीन करने में ही बहुत वक्त लग गया कि वो सारी इमोशनल बातें, वो प्रेम सब धोखा था। इस स्थिति से बाहर आने में शकुन को करीब 4 साल लग गए। अब पति अलग हो चुके हैं लेकिन अब भी शकुन पूरी तरह उस सदमे से बाहर नहीं आ पाई है। किसी भी रिश्ते में धोखा या बेवफाई बहुत पीड़ादायक होती है लेकिन पति-पत्नी के रिश्ते में इससे होने वाला नुकसान और भी बड़ा होता है क्योंकि यह जिंदगी भर के साथ की बात होती है। ऐसे में पड़ने वाला प्रभाव भी कई बार स्थाई हो जाता है।
पार्टनर ने दिया है धोखा, तो ऐसे उबरे बेवफाई के शॉक से, जिंदगी में करें ये पांच चीजें शामिल
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पूरे डेढ़ साल की कोर्टशिप के बाद मुकेश और दिव्या ने शादी की थी। शादी के महज 4 महीने बाद ही दिव्या का अजीब व्यवहार मुकेश के सामने आया और अगले दो महीनों में दिव्या ने तमाम आरोप लगा कर मुकेश व उसके के अगेंस्ट घरेलू उत्पीड़न का केस लगा दिया। बहुत सारी भागदौड़ और पैसे खर्च करने के बाद आखिरकार इस रिश्ते का कड़वाहट भरा अंत हुआ। इस सारी प्रक्रिया ने मुकेश को मानसिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर उलझा कर रख दिया। इस बात ने उसे और बड़ा धक्का दिया कि दिव्या किसी और के साथ रिश्ता जोड़ चुकी थी। इस बात को अब पूरे 5 साल बीत चुके हैं लेकिन मुकेश अब भी किसी रिश्ते में बंधने को तैयार नहीं हैं। वह हर युवती को शक की नजर से ही देखता है।
केसेस कई सारे हैं और भौतिकतावादी यानी मटेरियलिस्टिक लाइफ के अधिक प्रभाव ने रिश्तों पर भी बुरा असर डाला है। बेवफाई के कई किस्से आपको अपने आस पास ही सुनने-देखने को मिल जाएंगे। ऐसे में बुरा असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ता है जो इमोशनली किसी रिश्ते में जुड़ते हैं। उनके लिए पहले तो इस बात पर यकीन करना ही मुश्किल होता है कि जिससे उन्होंने प्रेम किया या जिस पर उन्होंने विश्वास किया। यह धक्का कई बार जीवन भर की पीड़ा बम जाता है।
इन पांच बातों पर रखिए ध्यान
* रियलिटी पर गौर कीजिए। इस बात को समझिए कि जो हो चुका है उससे आपको आगे बढ़ना है। इसके लिए सबसे पहला कदम है माफ कर देना और खुद पर तथा उन लोगों पर फोकस करना जो आपको प्रेम करते हैं। असली जिंदगी यही है कि यहां अच्छे बुरे दोनो तरह के लोग होते हैं और आपको इन्हीं दो रास्तों में से एक को चुनना है।
* खुद को तराशिये। ये वह समय है जब आपको सेल्फ एनालिसिस करना होगा। अपने करियर और अपनी हॉबीज पर फोकस कीजिए। उन लोगों के साथ जुड़िए जो आपकी केयर करते हैं जैसे आपकी फैमिली या फ्रेंड्स। इससे आपको आगे बढ़ने के लिए ताकत मिलेगी।
* अपनी खुशी के लिए छोटे छोटे कदम उठाइए। कभी म्यूजिक सुनिए, मूवी देखिए, शॉपिंग कोजिए तथा कुछ नया सीखिए।
* किसी के लिए बुरा सोचने या कहने में समय खराब करने की बजाय अपने और अपनों के लिए अच्छा सोचिए। अपनी एनर्जी प्रोडक्टिव कामों में लगाइए। हो सके तो मेडिटेशन और योग जैसी विधाओं से जुड़िए।
* दुनिया में हर व्यक्ति खराब नहीं होता। इसी विश्वास पर दुनिया कायम है। यदि आप आगे किसी रिश्ते में बंधना चाहते हैं लेकिन पिछले डर की वजह से आगे कदम नहीं बढ़ा पा रहे तो मन से डर निकालिए। अपने आपको पूरी तरह सकारात्मक बनाइये, पिछली बार की गलतियों से सबक लेकर आगे कदम बढाइए।