Parenting Tips: गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई हैं। स्कूल बंद होने से बच्चे काफी उत्साहित हैं कि वह घर पर रहेंगे और अपने मनपसंद के काम करेंगे। कुछ बच्चे पूरा दिन खेलने में बिताना चाहते हैं तो कुछ छुट्टियों में अपने रिश्तेदार के घर जाना चाहते हैं। हालांकि गर्मियों की छुट्टी शुरू होते ही माता पिता की चिंता भी बढ़ जाती है। उन्हें लगता है कि बच्चे इन छुट्टियों में अनुशासन में रहना न भूल जाएं, पढ़ाई में पिछड़ न जाएं। ऐसे में माता पिता को बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां ऐसे प्लान करनी चाहिए ताकि उनके पास खेलने का समय भी हो और वह पढ़ाई व दूसरी एक्टिविटी में भी रुचि ले सकें।
Parenting Tips: गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों से कराएं ये एक्टिविटी, खेल-खेल में सिखाएं जीवन जीने का सलीका
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कोई नई भाषा सिखाएं
हर बच्चे को हिंदी और अंग्रेजी आनी चाहिए। इसके अलावा बच्चे को किसी अन्य भाषा ज्ञान भी होना चाहिए। भाषा का ज्ञान भविष्य में बच्चे की काफी मदद कर सकता है। गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे को कोई भाषा सिखाएं। उनकी रुचि के मुताबिक भाषा का चयन कर सकते हैं। विदेशी भाषाओं जैसे जर्मन, फ्रेंच का चलन है। इसके अलावा कोई भारतीय बोली, जैसे बंगाली, गुजराती या मराठी भी सिखा सकते हैं।
म्यूजिक या डांस
बच्चे को गर्मियों की छुट्टियों में डांस या म्यूजिक क्लास ज्वाइन करा सकते हैं। ये दोनों ऐसी एक्टिविटी हैं जो अधिकतर बच्चों को पसंद होती हैं। अगर डांस क्लास भेज रहे हैं तो किसी विशेष डांस फॉर्म को सीखने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। डांस उनके शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करेगा और आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा। इसके अलावा बच्चे में अगर टैलेंट या शौक है तो म्यूजिक सिखा सकते हैं। उन्हें कोई इंस्ट्रूमेंट बजाना सिखा सकते हैं। संगीत सीखने से बच्चा स्कूल में स्टेज परफॉर्मेंस देना सीखेगा।
सेल्फ डिफेंस
हर बच्चे को, खासकर लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग जरूर देनी चाहिए। खुद को सुरक्षित रखने और भविष्य में किसी परेशानी से निकलने में इस तरह की ट्रेनिंग काम आएगी। बच्चे को कराटे क्लास, बॉक्सिंग क्लास ज्वाइन करा सकते हैं। बच्चा शारीरिक तौर पर मजबूत बनेगा और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग
गर्मियों की छुट्टी का मतलब बच्चों के लिए खेलना-कूदना है। बच्चे को खेलने दें लेकिन आप उन्हें किसी स्पोर्ट्स विशेष की खास ट्रेनिंग दिला सकते हैं ताकि बच्चा उसे प्रोफेशनली सीख सके। जैसे बच्चे को फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, स्विमिंग आदि की क्लास में भेज सकते हैं। खेलने के साथ ही उसे अच्छे से सीखना बच्चे को बेस्ट बनने में मदद करेगा।