Parenting Tips: बच्चों को पढ़ाना है संस्कृति का पाठ तो अपनाएं ये तरीके, त्योहारों पर कराएं ये काम
जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चों को उत्सवों से जोड़ें और उनके महत्व बताएं, ताकि अपनी परंपराओं के प्रति उनकी खुशी एवं उत्साह बरकरार रहे।
साफ-सफाई में भागीदारी
जब भी कोई अनुष्ठान, पर्व या उत्सव आता है तो आप घर की साफ-सफाई और सजावट में जुट जाती हैं। इस काम में बच्चों को भी शामिल करें, जिससे उनके मन में भी उत्सवों, अनुष्ठानों के आने की खुशी बनी रहे। बच्चों से छोटे-मोटे काम करने को कहें। आप उनसे कूड़ा-कचरा उठाकर कूड़ेदान में डालने, फर्नीचर की झाड़-पोंछ करने जैसे काम करा सकती हैं। इससे उनमें काम करने की आदत भी पडे़गी।
पकवान बनाने में सहयोग
त्योहार आने पर सभी घरों में पकवान बनाए जाते हैं। आप इस काम में भी बच्चों की मदद ले सकती हैं और छोटे-छोटे काम कराकर उन्हें जिम्मेदारी का अहसास करा सकती हैं कि त्योहारों पर उन्हें भी काम करना है। इससे उनमें बचपन से ही साथ में काम करने की भावना पैदा होगी। बच्चे साथ में पकवान बनाएंगे तो उन्हें भी खुशी मिलेगी और वे त्योहार का दुगुना मजा उठाएंगे।
रचनात्मकता जरूरी
बच्चों को अपनी संस्कृति के बारे में जानकारी दें। त्योहार या समारोह के दौरान उन्हें पारंपरिक पोशाक पहना कर, सजावट और पकवान बनाने में मदद लेकर और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी परंपराओं की जानकारी दें, जिससे वे बचपन से ही अपनी संस्कृति को जान सकें और उत्सवों का मजा ले सकें।
कहानियां और फिल्में
हर त्योहार के पीछे कोई न कोई कहानी होती है, जो हमें सकारात्मक संदेश देती है। इसलिए समय-समय पर आप बच्चों को अपने त्योहारों और परंपराओं की जानकारी किताबों द्वारा या फिल्में दिखाकर भी दे सकती हैं। जब आप बच्चे को कुछ रीति-रिवाजों के बारे में समझाती हैं तो वे उसे उबाऊ और बोर लगते हैं। वह आपकी बातों पर ध्यान नहीं देता इसलिए त्योहारों के बारे में कहानी सुनाकर, पढ़कर या फिर उस विषय पर बनी कोई फिल्म दिखाकर आप जानकारी को उसके लिए रुचिकर बना सकती हैं, ताकि वह उत्साहित होकर अपनी संस्कृति के बारे में जानकारी हासिल करे।