Divorce Kyu Hote Hain: भारतीय समाज में शादी बेहद अहम और खूबसूरत रिश्ता होता है जिसे जन्मों- जन्मों के बंधन के रूप में हमारी संस्कृति में शामिल किया गया है। हालांकि आज के दौर में कपल्स के बीच अलगाव के मामले तेजी से बढ़े हैं। डिवोर्स या तलाक होना सामान्य होता जा रहा है। कई बार कुछ गलतफहमियों, बिगड़ी परिस्थितियों से रिश्ता कमजोर हो जाता है और युगल एक दूसरे से दूर जाने का फैसला ले लेते हैं।
Divorce: इन तीन कारणों से होते हैं सबसे ज्यादा तलाक, शादी बचाने के लिए जान लें कपल
अगर कपल इन कारणों को पहले से समझ लें और समय रहते इन पर काम करें, तो अपनी शादीशुदा जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं तलाक के तीन सबसे बड़े कारण और उन्हें रोकने के उपाय।
भरोसा और वफादारी की कमी
सबसे अधिक शादी टूटने की वजह बेवफाई होती है। शादी के बाद एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर पति-पत्नी को एक दूसरे से दूर कर सकता है। झूठ बोलना, बातें छुपाना, सोशल मीडिया और बाहरी लोगों पर ज्यादा ध्यान देने से कपल एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर पाते हैं। जहां भरोसा नहीं, वहां रिश्ता कैसे? इसी विचार के साथ लोग अपने पार्टनर से दूरी बनाना ही बेहतर समझते हैं और पहुंच जाते हैं कोर्ट, सात वचनों और फेरों को रिवर्स करने।
अगर आप नहीं चाहते कि आपका रिश्ता तलाक की अर्जियों तक पहुंचे तो अपने रिश्ते और पार्टनर से ईमानदारी बनाए रखें। पार्टनर संग भरोसे को मजबूत बनाने के लिए रिश्ते में पारदर्शिता लाएं। अगर किसी बात से परेशानी है तो उसे खुलकर कहें, छुपाएं नहीं।
आर्थिक परेशानियां
बड़े-बूढ़ों को कहावत है, "ना बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपया।" ये कहावत सिर्फ बाप-भाई पर नहीं, बल्कि पति-पत्नी पर भी लागू होने लगी है। इस दौर में पैसों और आर्थिक परेशानियों को लेकर विवाद तलाक तक पहुंचने लगा है। कपल पैसे को लेकर बहस करते हैं या असहमति जताते हैं। उनकी खर्च करने की आदतों में बड़ा अंतर, या आर्थिक जिम्मेदारियों को ठीक से न निभा पाने के कारण उनके बीच अलगाव की संभावनाएं बढ़ने लगती हैं। पैसों की तंगी अच्छे रिश्ते पर भी दबाव डालती है और शादी में तनाव व दिक्कत शुरू हो जाती हैं।
अब अगर आपको नहीं चाहिए कि पैसा आपके रिश्ते को काला नाग बनकर डसे, तो पार्टनर संग पैसे से जुड़े मामलों पर खुलकर चर्चा करें और मिलकर निर्णय लें। वित्तीय या आर्थिक योजनाएं बनाएं और जरूरतों को प्राथमिकता दें। बजट बनाकर काम करें, बेवजह के ख़र्चों से बचें।
संवाद
किसी भी रिश्ते में अलगाव का सबसे सामान्य कारण संवाद होता है। बातचीत होती ही नहीं तो समस्या का समाधान कैसे निकलेगा। हर रिश्ते मेंं मनमुटाव, समझ की कमी, गलतफहमियां होना स्वाभाविक है लेकिन संवाद के जरिए इन चीजों को दूर किया जा सकता है। लेकिन जब पति-पत्नी खुलकर बातचीत ही नहीं करते तो उनका रिश्ता छोटी सी समस्या आने पर ही डोल जाता है। समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय चुप रहना या झगड़ना दूरियां बढ़ाता है। इसका एक नुकसान ये भी है कि आप अपने पार्टनर की भावनाओं को समझ नहीं पाते और न ही उन्हें आपको समझने का मौका देते हैं।
आपकी चुप्पी रिश्ते में जहर की तरह न खुल जाए, इसके लिए अपने पार्टनर से खुलकर भावनाओं की अभिव्यक्ति करें। झगड़े के दौरान भी संवाद बनाए रखें और एक-दूसरे को सुनें। कोई गलतफहमी है तो उसे बातचीत से हल करें ना कि बातें इग्नोर करें।