फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

#हिंदीहैंहम: 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस? जानिए इसका इतिहास और महत्व

Mon, 14 Sep 2020 03:36 AM IST
Shashi Shashi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shashi Shashi Updated Mon, 14 Sep 2020 03:36 AM IST
विज्ञापन
Hindi Day 2020 history of this day why it is celebrated on 14 September
हिंदी दिवस 2020 - फोटो : Pixabay/Amarujala

हर वर्ष की भांति इस साल भी 14 सितंबर को देशभर में हिंदी दिवस (hindi diwas) मनाया जाना है। इसी दिन हिंदी को देश की राजभाषा का दर्जा प्राप्त हुआ था। आज कई देशों में लोग हिंदी बोलते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक दुनियाभर में बोली जाने वाली तीसरी सबसे बड़ी भाषा हिंदी है। हिंदी की समृद्धशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 14 सितंबर के दिन देशभर में कई कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं। इस मौके पर आइए जानते हैं हिंदी दिवस के इतिहास से जुड़ी कुछ रोचक बातें....

Hindi Day 2020 history of this day why it is celebrated on 14 September
हिंदी दिवस 2020 - फोटो : Pixabay

सन् 1947 में देश आजाद होने के बाद सबसे बड़ा प्रश्न था कि किस भाषा को राष्ट्रीय भाषा बनाया जाए। काफी विचार-विमर्श करने के बाद 14 सितंबर सन् 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 343 (1) में किया गया है, जिसके अनुसार भारत की राजभाषा ‘हिंदी’ और लिपि ‘देवनागरी’ है। सन् 1953 से 14 सितंबर के दिन हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

Hindi Day 2020 history of this day why it is celebrated on 14 September
हिंदी दिवस 2020 - फोटो : Pixabay

हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिए जाने के बाद गैर हिंदी भाषी लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके कारण अंग्रेजी को भी आधिकारिक भाषा बनाया गया। हिंदी की सबसे अच्छी बात ये है कि यह समझने में बहुत आसान है, इसे जैसा लिखा जाता है इसका उच्चारण भी उसी प्रकार किया जाता है। हमारे देश में 77 प्रतिशत लोग हिंदी बोलते, समझते और पढ़ते हैं। आधिकारिक काम-काज की भाषा के तौर पर भी हिंदी का उपयोग होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Hindi Day 2020 history of this day why it is celebrated on 14 September
महात्मा गांधी की मूर्ति - फोटो : Pixabay

गांधी जी ने हिंदी को जनमानस की भाषा कहा था। सन् 1918 में हिंदी साहित्य सम्मेलन में गांधी जी ने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने को कहा था। जब हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया, तब देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद ने हिंदी के प्रति गांधी जी के प्रयासों को याद किया। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस दिन के महत्व को देखते हुए इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाने को कहा था। भारत देश के नागरिक होने के नाते हम सबका कर्तव्य बनता है कि हम हिंदी को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। अपने काम-काज की भाषा के रूप में हिंदी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed