श्रावण मास हर तरफ से खुशियां प्रवाहित करने का मास होता है, एक तरफ जहां मौसम का मिजाज खुशनुमा होता है तो वहीं पर त्योहारों का सिलसिला भी शुरू होता है। श्रावण के प्रारंभ के साथ ही शिव जी की आराधना हेतु कांवड़ यात्रा आरंभ हो जाती है और फिर इसके बाद त्योहारों का सीज़न शुरु हो जाता है। इसी क्रम में आने वाले त्यौहार हैं कृष्ण जन्माष्टमी, नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली आदि।
त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास
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त्योहारों की सबसे खास बात होती है कि वे हमें अपने रिश्तों के और करीब लाते हैं । आजकल जहां हमारे पास अपने सगे संबंधियों के लिए कोई समय नहीं होता तो वहीं त्योहार ही वो मौके होते हैं जब हम सारी परेशानियां भुलाकर अपने परिवार के साथ खुशी भरा समय व्यतीत कर पाते हैं । त्योहार, परिवार और मित्रों के बीच अनूठे प्यार, तकरार, हंसी जैसे यादगार पलों का प्रतीक होता है । इसलिए त्यौहारों की कई दिनों पहले से ही तैयारी आरम्भ हो जाती है।
त्योहारों का इंतजार लोग सालभर करते हैं, और तैयारी में कोई कमी नहीं रखना चाहते । इसलिए त्यौहारों में मिठाइयों का चुनाव भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है । उच्च गुणवत्ता की मिठाइयां बनाई जाती हैं । लेकिन अक्सर हम खबरों में मिलावटी मिठाइयों के बारे में पढ़ते और सुनते हैं । शुद्ध घी से बनी मिठाइयां आजकल न के बराबर हो गई हैं। यहीं कारण है कि अब मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वाद में वो बात नहीं रही। साथ ही मिलावटी मिठाइयां हमारे स्वास्थ्य को भी बुरे तरीके से प्रभावित करती हैं ।
स्वादिष्ट मिठाइयों का कार्य आपस में प्रेम बढ़ाना है परंतु मिलावटी मिठाइयों में पड़ने वाले दूषित घी का निर्माण कई हानिकारक रसायनों के द्वारा किया जाता है, जिनसे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है त्योहारों के इस सीजन में शुद्ध देशी घी से बने खाद्द पदार्थ या मिठाइयों का ही सेवन करें। हर त्यौहार प्रेम और शुद्धता का प्रतीक होता है, जिसमें शुद्ध देशी घी से बनी मिठाइयां चार चांद लगा देती हैं । इसलिए इसबार त्योहारों में शुद्ध देशी घी द्वारा निर्मित मिठाइयों से अपने रिश्तों में और मिठास भरिए।
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