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भारत सहित दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण जारी है। अध्ययनों में कोरोना के इस वैरिेएंट को अधिक संक्रामक बताया जा रहा है, यही कारण है विशेषज्ञ इससे बचाव के लिए लोगों को ज्यादा अलर्ट रहने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के इस नए वैरिएंट का खतरा उन लोगों में भी बरकरार है जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, ऐसे में सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए। कोरोना के संक्रमण से बचाव में सुरक्षात्मक उपायों का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इसमें भी मास्क पहनना, सुरक्षा की दृष्टि से सबसे आवश्यक है। पर क्या आप जो मास्क पहन रहे हैं वह कोरोना से सुरक्षा देने के लिए पर्याप्त है?
अध्ययनों से पता चलता है कि अत्यधिक संक्रामक माने जा रहे कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए मास्क पहनना सबसे कारगर तरीका हो सकता है। हालांकि संक्रमण को रोकने के लिए सही मास्क चुनना और इसे सही ढंग से पहनना भी अनिवार्य है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि कोरोना से बचाव के लिए कौन सा मास्क सबसे कारगर हो सकता है?
विशेषज्ञ की सलाह: कम्युनिटी ट्रांसमिशन के खतरे के बीच संक्रमण से बचाव के लिए इस 'सुरक्षाकवच' का करें प्रयोग, इन बातों को भी जानिए
क्या है स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह?
अमर उजाला से बातचीत में पल्मोनोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ निशांत शेखावत बताते हैं, कोरोना के इस दौर में तरह-तरह के फैशनेबल मास्क को प्रयोग में लाया जा रहा है, पर हमें यह ध्यान रखना है कि देखने से ज्यादा सुरक्षा के नजरिए से कौन सा मास्क ज्यादा प्रभावी हो सकता है? ओमिक्रॉन जैसे संक्रामक वैरिएंट से बचाव के लिए एन-95 और एन-99 जैसे मास्क काफी प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि, एन-99 मास्क सामान्य से अधिक मोटे होते हैं और उन्हें लंबे समय तक पहनना मुश्किल होता है, इसलिए एन-95 मास्क आमतौर पर ज्यादा प्रयोग में लाए जाते हैं और सुरक्षा के नजरिए से भी यह असरदार हैं।
संक्रमण से 95 फीसदी तक मिल सकती है सुरक्षा
डॉ निशांत बताते हैं, N95, N95, KN95, और KF94 जैसे मास्क को इस तरह से बनाया गया है कि यह चेहरे पर अच्छी तरह से फिट होने के साथ वातावरण में मौजूद सूक्ष्म कणों को बेहतर ढंग से फिल्टर करने में सहायक हो सकते हैं। ये मास्क छोटे कणों को फ़िल्टर करके वायरस से 95 फीसदी तक की सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। चूंकि कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा जताया जा रहा है ऐसे में सभी लोगों को उचित फिल्टर वाले मास्क को प्रयोग में लाना चाहिए।
डबल मास्किंग भी अच्छा विकल्प
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आमतौर पर एन-95 और एन-99 जैसे मास्क मंहगे होते हैं, ऐसे में सर्जिकल मास्क का चलन ज्यादा बढ़ा है। हालांकि सिर्फ सर्जिकल मास्क कोरोना के इस नए खतरे को कम करने में पूरी तरह से कारगर नहीं माने जा सकते हैं। सर्जिकल मास्क बड़े कणों और कुछ छोटे कणों से सुरक्षा दे सकते हैं, लेकिन ये मास्क चेहरे को ठीक से सील नहीं करते हैं और किनारों से खुल सकते हैं। ऐसे में डबल मास्किंग करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके लिए सर्जिकल मास्क के ऊपर कपड़े के मास्क को पहना जा सकता है। सुरक्षात्मक दृष्टि से यह तरीका भी असरदार हो सकता है।
सांस के रोगी रखें विशेष ध्यान
डॉ निशांत कहते हैं, सांस के रोगियों के लिए कोरोना का संक्रमण गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। वहीं विशेष रूप से सीओपीडी, अस्थमा या किसी अन्य सांस की समस्या वाले लोगों के लिए ज्यादा देर तक एन 95 मास्क पहन कर रखना भी कठिन हो सकता है। ऐसे लोगों को ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग करना चाहिए। एन-95 की तुलना में इसे कम सुरक्षात्मक जरूर माना जाता है पर यह कपड़े के मास्क से बेहतर हैं। सबसे खास बात ध्यान रखें जो मास्क भी पहने पर अच्छी फिटिंग वाला हो।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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