क्या आप भी कुछ समय से जोड़ो में दर्द की समस्या से परेशान हैं? चलते समय घुटनों में तेज दर्द होता है, जोड़ जाम से हो जाते हैं? अगर हां तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच करा लें। कहीं आपके जोड़ों की चिकनाई तो कम नहीं हो गई है?
Joint Pain: कहीं खत्म तो नहीं हो रही आपके घुटनों की ग्रीस? ऐसी दिक्कतें हैं तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास
हमारे शरीर के हर जोड़ के बीच एक खास तरह का द्रव होता है, जिसे सिनोवियल फ्लूइड कहा जाता है। यही द्रव जोड़ों को आसानी से हिलने-डुलने में मदद करता है। कहीं घुटनों में इसकी मात्रा कम तो नहीं हो गई?
पहले जान लीजिए क्यों होती है ये दिक्कत?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हमारे शरीर के हर जोड़ के बीच एक खास तरह का द्रव होता है, जिसे सिनोवियल फ्लूइड कहा जाता है। यही द्रव जोड़ों को आसानी से हिलने-डुलने में मदद करता है और हड्डियों को आपस में रगड़ खाने से बचाता है।
- हालांकि उम्र बढ़ने, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, चोट या ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं के कारण यह चिकनाई धीरे-धीरे कम होने लगती है।
- इससे जोड़ों में घर्षण बढ़ जाता है और दर्द शुरू हो जाता है जिससे चलना-फिरना भी मुश्किल हो सकता है।
क्या होता है घुटनों का ग्रीस?
घुटनों का ग्रीस खत्म होने का मतलब है जोड़ों के भीतर मौजूद सिनोवियल फ्लूइड कम होना और कार्टिलेज की गुणवत्ता प्रभावित होना।
- कार्टिलेज एक मुलायम परत होती है, जो हड्डियों को आपस में रगड़ने से बचाती है।
- जब यह घिसने लगती है या सिनोवियल फ्लूइड कम हो जाता है, तो दर्द, अकड़न और चलने में दिक्कत होने लगती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद ये समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा मोटापा के शिकार, भारी वजन उठाने वाले लोगों और पहले कभी जोड़ में चोट के कारण भी ये समस्या हो सकती है। डायबिटीज, विटामिन-डी की कमी और गठिया जैसी बीमारियां भी जोड़ों को प्रभावित कर सकती हैं।
कैसे पाएं इसमें आराम?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर समय रहते खान-पान में सुधार कर लिया जाए तो जोड़ों की समस्याओं को काफी कम किया जा सकता है।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड, अखरोट, अलसी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध और दही आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।
- ऑलिव ऑयल सूजन कम करने और जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।
- पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन कार्टिलेज और मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद करता है।
- विटामिन डी और कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
घुटनों की समस्याओं से बचे रहने के लिए कुछ चीजों से दूरी बनाना भी जरूरी है।
- चीनी, प्रोसेस्ड और जंक फूड्स, तला-भुना भोजन कम से कम खाएं। ये शरीर में सूजन बढ़ाती हैं।
- यदि वजन बढ़ रहा है तो घुटनों पर दबाव भी बढ़ता है इसलिए वेट लॉस जरूरी है।
- लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज जैसे तेज चाल से चलना, तैराकी, साइकिल चलाना और योग जोड़ों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं।
लाइफस्टाइल और खान-पान में सुधार के साथ दवाओं और थेरेपी के माध्यम से आप गंभीर समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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