क्या आप भी अपने शरीर की बनावट, आप कहीं खराब तो नहीं दिख रहे या लोग आपके लुक से आपको जज तो नहीं कर रहे हैं? इन बातों को लेकर परेशान रहते हैं? ऐसा सोचना बहुत असामान्य नहीं है, ज्यादातर लोग ऐसा सोच सकते हैं। पर यह असामान्य और चिंताजनक तब हो जाता है जब यही सोच बाध्यकारी रूप से आपको परेशान करने लगती है। यानी आप लोगों से मिलने में डरने लगते हैं, पार्टियों में नहीं जाना चाहते और ज्यादातर समय अपने शरीर की बनावट को लेकर ही परेशान रहते हैं। मेडिकल की भाषा में इस समस्या को बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर (बीडीडी) की समस्या कहा जाता है।
Body Dysmorphia: शरीर के लुक को लेकर आप भी तो नहीं रहते हैं बहुत परेशान? कहीं आपको ये डिसऑर्डर तो नहीं
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के बारे में जानिए
हर किसी के शरीर की अपनी विशेषता और खास बनावट होती है। हालांकि जिन लोगों को बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर की दिक्कत होती है, उन्हें लगने लगता है कि उनके शरीर में बहुत सारी कमियां हैं। इस तरह की सोच आपको अक्सर उस कमी के बारे में सोचते रहने और इसे ठीक करने की कोशिश करते रहने के लिए मजबूर कर सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि इस समस्या का असर आपकी सोच को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने वाली हो सकती है।
बीडीडी की समस्या क्यों होती है?
वैज्ञानिकों को यह विशेष रूप से ज्ञात नहीं है कि बॉडी डिस्मॉर्फिक विकार का कारण क्या है? हालांकि माना जाता है कि कई अन्य मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों की तरह, बॉडी डिस्मॉर्फिक विकार भी फैमिली हिस्ट्री, आपके शरीर या लुक के बारे में नकारात्मक मूल्यांकन या अनुभव और असामान्य मस्तिष्क कार्य या मस्तिष्क रसायन के असामान्य स्तर के कारण हो सकती है।
बीडीडी वाले रोगियों में अक्सर ओसीडी की समस्या भी अधिक देखने को मिलती है, जो उन्हें अपनी बनावट को लेकर बार-बार सोचने पर मजबूर करती रहती है।
कैसे जाने कि आपको कहीं बीडीडी की दिक्कत तो नहीं?
बॉडी डिस्मॉर्फिक विकार के लक्षण की समय रहते पहचान करना जरूरी है। जिन लोगों में ये विकार होती है उनमें इससे संबंधित कई लक्षण हो सकते हैं।
- शरीर में कथित दोष के बारे में अत्यधिक चिंतित होना जो आमतौर पर दूसरों को दिखाई नहीं देती है।
- विश्वास बना लेना कि आपकी शक्ल-सूरत में कोई समस्या है जो आपको बदसूरत बनाती है।
- यह विश्वास कि दूसरे लोग आपके बारे में नकारात्मक बातचीत करते हैं या आपका मजाक उड़ाते हैं।
- बार-बार शीशा देखना करना, त्वचा को संवारने के लिए कोशिश करते रहना।
- लगातार अपनी शक्ल-सूरत की दूसरों से तुलना करना।
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर को कैसे ठीक किया जाता है?
जिन लोगों को बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर की समस्या होती है, उनके लक्षणों को ठीक करने के लिए डॉक्टर कुछ प्रकार की थेरेपी को प्रयोग में ला सकते हैं। इसके अलावा साथ में होने वाली स्ट्रेस-डिप्रेशन या फिर ओसीडी जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए कुछ दवाइयों के सेवन की भी सलाह दी जा सकती है। रोगियों को लाइफस्टाइल को ठीक रखने, फिजिकल फिटनेस के लिए नियमित व्यायाम करने और शराब का सेवन न करने की भी सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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