तमाम अध्ययनों से पता चलता है कि शरीर में इंफ्लामेशन की समस्या कई गंभीर रोगों का कारण हो सकती है। इंफ्लामेशन को इम्यून सिस्टम की सामान्य प्रतिक्रिया माना जाता है। उदाहरण के लिए जब आपको चोट लगती है तो इंफ्लामेशन या सूजन होना वास्तव में एक अच्छा संकेत होता है। यह प्रभावित हिस्से में संक्रमण को रोकने और आपको क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को ठीक करने में मदद करती है। हालांकि कभी-कभी यह प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बिना चोट या घाव के भी हो सकती है। इस तरह की स्थिति को खतरनाक माना जाता है।
Inflammation Risk: शरीर में इंफ्लामेशन बढ़ने का मतलब गंभीर बीमारियों का खतरा, जानिए बचाव के लिए कैसा रखें आहार
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क्यों होती है इंफ्लामेशन की समस्या?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई ऐसे कारक हैं जो आपमें इंफ्लामेशन की समस्या बढ़ाने वाले हो सकते हैं। जैसे धूम्रपान, नशीली दवाओं और शराब का सेवन, प्रदूषको और विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आना, तनाव-मोटापे की स्थिति, निष्क्रिय जीवनशैली और आहार की गड़बड़ी इसमें प्रमुख हैं।
लंबे समय से बनी हुई सूजन की दिक्कत समय के साथ ऊतकों और अंगों को नुकसान पहुंचाती है। इससे डीएनए को भी क्षति हो सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं, इन जोखिमों से बचाव के लिए आहार का सही चयन किया जाना बहुत आवश्यक है।
एंटी-इंफ्लामेटरी डाइट के बारे में जानिए
शोधकर्ता कहते हैं, एंटी-इंफ्लामेटरी डाइट की कोई निर्धारित परिभाषा नहीं है, लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ, जिनमें एंटीऑक्सिडेंट्स की अधिकता होती है उन्हें एंटी-इंफ्लामेटरी माना जाता है। अधिकांश एंटी-इंफ्लामेटरी आहार प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से सब्जियों और फलों से भरपूर होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्लांट बेस्ड डाइट शक्तिशाली एंटी-इंफ्लामेटरी पदार्थों के बेहतर स्रोत होते हैं जिन्हें शरीर में इंफ्लामेशन के मार्करों को कम करने में लाभकारी पाया गया है।
एंटी-इंफ्लामेटरी डाइट- क्या खाएं क्या नहीं?
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि जो लोग प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार का सेवन करते हैं उनमें इंफ्लामेशन मार्कर जैसे ट्यूमर नेक्रोसिस फैक्टर अल्फा (TNFα), इंसुलिन प्रतिरोध और टाइप 2 मधुमेह की समस्या कम होती है। बीन्स, नट और सीड्स के साथ समुद्री भोजन को एंटी-इंफ्लामेटरी माना जाता है। मछली में ओमेगा -3 की मात्रा होती है जिसे इंफ्लामेशन को रोकने में मददगार पाया गया है।
वहीं सोडा, फास्ट फूड, तले हुए खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड मांस उत्पाद, शक्करयुक्त पेय और कैंडी जैसे उत्पाद सूजन को बढ़ाने वाले हो सकते हैं । अपने आहार से इन चीजों की मात्रा को सीमित करना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
What is inflammation, and why is it dangerous?
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।