शरीर का वजन बढ़ना और कम होना, दोनों ही सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। तमाम अध्ययनों और मेडिकल रिपोर्टस में वजन बढ़ने के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानने को मिलता है, इसी तरह से वजन का सामान्य से कम होना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 18.5 से कम है तो इसे सामान्य से कम वजन माना जाता है। यह स्थिति भी सेहत के लिए उसी तरह से नुकसानदायक है जैस कि बढ़ा हुआ वजन।
आज का हेल्थ टिप्स: तेजी से वजन बढ़ाने के लिए कीजिए इन चार चीजों का सेवन, दूर होगी दुबलेपन की समस्या
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चावल का सेवन करें अधिक
वजन बढ़ाने में चावल का सेवन करना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। 1 कप (158 ग्राम) पके हुए सफेद चावल में 204 कैलोरी, 44 ग्राम कार्ब्स और फैट होता है। चावल में कैलोरी की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिसका अर्थ है कि आप एक ही सर्विंग से आसानी से उच्च मात्रा में कार्ब्स और कैलोरी प्राप्त कर सकते हैं।
रेड मीट
रेड मीट मांसपेशियों के निर्माण को बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है। करीब 170 ग्राम रेड मीट में लगभग 5 ग्राम ल्यूसीन होता है। ल्यूसीन एक प्रमुख अमीनो एसिड है जो आपके शरीर को मांसपेशियों के प्रोटीन संश्लेषण को बढ़ाने और नए मांसपेशियों के ऊतकों के निर्माण में मदद करता है। इसके अलावा रेड मीट की इतनी ही मात्रा से 456 कैलोरी और लगभग 49 ग्राम प्रोटीन भी प्राप्त होता है।
नट्स और बटर
नियमित रूप से नट्स का सेवन करने से वजन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कच्चे या सूखे भुने मेवों के सबसे अधिक स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इसके अलावा भोजन के साथ मक्खन का ज्यादा सेवन करने से भी आसानी से वजन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नट्स में कई ऐसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जिनका सेवन शरीर के लिए लाभदायक हो सकता है।
दूध का सेवन वजन को तेजी से बढ़ाने में सहायक माना जाता है। दूध से वसा, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा दूध कैल्शियम सहित विटामिन और खनिजों का भी एक उत्कृष्ट स्रोत है। दूध की प्रोटीन सामग्री मांसपेशियों के निर्माण को बढ़ावा देती है। एक अध्ययन में पाया गया कि कसरत के बाद, स्किम दूध पीने से सोया आधारित उत्पाद की तुलना में मांसपेशियों को अधिक प्रभावी ढंग से बनाने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।