थायरॉयड की समस्या के मामले पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। इसके कारण सामान्य तौर पर लोगों का वजन बहुत बढ़ने या कम होने लगता है। थायरॉयड रोग, एक हार्मोनल विकार है जो गर्दन (थायरॉयड) में मौजूद तितली के आकार की ग्रंथि के ठीक से काम न करने के कारण होती है। जब यह ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है तो इसके कारण कई तरह की स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि थायरॉयड की समस्या आंखों को भी प्रभावित कर सकती है?
ध्यान दें: आंखों को भी प्रभावित कर सकती है थायरॉयड की समस्या, ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत हो जाएं अलर्ट
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थायरॉयड आइज के क्या लक्षण होते हैं?
नेत्र गोलक में उभार को थायरॉयड आइज की समस्या का प्रमुख लक्षण माना जाता है। प्रतिरक्षा प्रणाली आंखों के आसपास की कोशिकाओं पर हमला करती है। खोपड़ी के उस हिस्से जहां आंखों का केंद्र होता है वहां होने वाली समस्या के कारण इस तरह की दिक्कत होती है। इस स्थति में मांसपेशियों का विस्तार होने लगता है।थायरॉयड आइज की स्थिति में आंखों से संबंधित कई तरह की और भी दिक्कतें हो सकती हैं जिनपर ध्यान दिया जाना आवश्य होता है।
- आंखों के सफेद भाग में लालिमा
- आंखों में तेज खुजली या चुभन
- आंखों का सूखापन या पानी आना
- दोहरी दृष्टि
- प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
- अलग-अलग दिशाओं में देखने पर आंखों में दर्द
- धुंधला दिखाई देना।
थायरॉयड आइज की रोकथाम
नेत्र रोग विशेषज्ञ बताते हैं थायरॉयड आइज चूंकि एक ऑटोइम्यून स्थिति है, आमतौर पर अन्य थायरॉयड संबंधी विकारों के साथ इस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। ऑटोइम्यून विकारों की रोकथाम नहीं की जा सकती है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि रेडियोएक्टिव आयोडीन के साथ रेडिएशन ट्रीटमेंट के जरिए इसे ठीक किया जा सका है। सबसे आवश्यक है रोग की सही समय पर निदान।
थायरॉयड आइज का इलाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्थिति की गंभीरता के आधार पर पर विशेषज्ञ इसके लिए कई तरह की इलाज की विधियों को प्रयोग में लाते हैं। आमतौर पर इसके उपचार में छह महीने या एक साल तक का भी समय लग सकता है। हल्के लक्षण वाले लोगों को प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता से बचाने के लिए काले रंग के चश्मे लगाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा कुछ दवाइयों को भी प्रयोग में लाया जाता है। दोहरी दृष्टि को ठीक करने में प्रिज्म की मदद ली जाती है।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
नेत्र रोग विशेषज्ञ बताते हैं थायरॉयड आइज की समस्या में समय पर इलाज आवश्यक है, इससे आंखों से संबंधित जटिलताओं से बचा जा सकता है। इस समस्या को अनदेखा करने से आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा हो सकता है। दवाइयों और अन्य उपचार विधियों के माध्यम से इस बीमारी का इलाज किया जा सकता है। खुद से भी किसी दवा या आइड्रॉप लेने से बचें, इससे लक्षण और भी गंभीर हो सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।