दुनियाभर में कोरोना संक्रमण का कहर जारी है। सरकारे और स्वास्थ्य संगठन इस गंभीर बीमारी से बचने के लिए समय-समय पर लोगों को नवीनतम उपायों के बारे में सूचित करते रहे हैं। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने धूम्रपान करने वालों को आगाह किया है। संगठन के महानिदेशक ने हालिया बयान में कहा है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें कोविड-19 के कारण होने वाली मौत के साथ अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डब्ल्यूएचओ ने 'कमिट टू क्विट टोबैको' अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य लोगों को धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। आइए जानते हैं कोविड और धूम्रपान को लेकर डब्ल्यूएचओ ने लोगों को क्या चेतावनी दी है?
World No-Tobacco Day 2021: धूम्रपान करने वालों को कोरोना से मौत का खतरा अधिक, WHO ने चेताया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धूम्रपान छोड़ने की अपील
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बताया है कि धूम्रपान करने वालों में गंभीर बीमारी विकसित होने और कोविड-19 से मृत्यु का जोखिम 50% तक अधिक होता है। ऐसी स्थिति में भविष्य में कोरोनावायरस के साथ-साथ कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधित जोखिमों से बचने के लिए धूम्रपान को तुरंत छोड़ दें।
भारत में ई-सिगरेट और गर्म तंबाकू पर प्रतिबंध लगाने वाले 2019 के राष्ट्रीय कानून के लिए डॉ. टैड्रॉस ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को विशेष पुरस्कार भी दिया। धूम्रपान से कोविड के बढ़े जोखिमों के संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- 'धूम्रपान के चलते हाथ से मुंह में वायरस के संचरण की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि ऐसे लोगों के कोविड -19 के प्रति संवेदनशील होने की संभावना अधिक होती है।
फेफड़ों के प्रभावित करता है धूम्रपान
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'भारत में कोविड-19 महामारी और तंबाकू का उपयोग' नामक दस्तावेज़ के माध्यम से बताया कि धूम्रपान करने वालों में गंभीर लक्षण विकसित होने या कोविड -19 से मरने की संभावना अधिक होती है क्योंकि यह मुख्य रूप से फेफड़ों पर हमला करता है। चूंकि धूम्रपान करते समय उंगलियां होंठों के संपर्क में आती हैं, जिससे चलते हाथ से मुंह में वायरस के संचरण की संभावना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक टीकाकरण के पहले और बाद में धूम्रपान और शराब के सेवन से परहेज करना चाहिए। कुछ शोध बताते हैं कि टीकाकरण के बाद धूम्रपान करने से एंटीबॉडीज का असर कम हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए धूम्रपान जैसी आदतों को छोड़ देना चाहिए।
-----------------
स्रोत और संदर्भ:
WHO supports people quitting tobacco to reduce their risk of severe COVID-19
अस्वीकरण नोट: यह लेख डब्ल्यूएचओ के 'कमिट टू क्विट टोबैको' अभियान के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। इसमें बताई गई किसी भी दवा के उपयोग को लेकर अमर उजाला कोई दावा नहीं करता है।