जोड़ों में दर्द की समस्या आपके लिए दैनिक कार्यों को काफी कठिन बना सकती है। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के अलावा जिन लोगों के ब्लड में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है उनको भी जोड़ों में दर्द और कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
Uric Acid: जोड़ों के लिए दिक्कतें बढ़ा देती है यूरिक एसिड, इससे किडनी को भी खतरा, जानिए कैसे करें इसे कंट्रोल
हाई यूरिक एसिड की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आमतौर पर हाई यूरिक एसिड को जोड़ों में दर्द की समस्या के रूप में जाना जाता है, पर इसके दुष्प्रभाव यहीं तक सीमित नहीं हैं। ये गाउट और किडनी की बीमारी के जोखिमों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
यूरिक एसिड जोड़ों और ऊतकों में जमा हो जाता है, जिससे दर्द होता है। इसके कारण होने वाली गाउट की समस्या आमतौर पैर के अंगूठे, जोड़ों, टखनों और घुटनों को प्रभावित करती है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि यह हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट फेलियर के भी खतरे को बढ़ाने वाली दिक्कत हो सकती है।
कुछ प्रकार के उपाय करके ब्लड में यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है।
हाइपरयुरिसीमिया से कैसे बचा जा सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाइपरयुरिसीमिया को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है आहार को ठीक रखना। ऐसी चीजों के सेवन से बचा जाना चाहिए जिनमें प्यूरीन की अधिकता होती है। कुछ प्रकार के समुद्री भोजन और मछलियों में प्यूरीन की अधिकता होती है। यूरिक एसिड की समस्या से बचने या इसे कंट्रोल में रखने के लिए शराब, चीनी, रेड मीट के भी कम सेवन की सलाह दी जाती है।
शराब से बढ़ सकती हैं दिक्कतें
शराब पूरी सेहत के लिए हानिकारक मानी जाती है, इससे यूरिक एसिड और इसके कारण होने वाली दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं। डॉक्टर कहते हैं, अल्कोहल का सेवन करने वाले लोगों में गाउट की समस्या बार-बार ट्रिगर होने का जोखिम रहता है। शराब जोड़ों के लिए भी नुकसानदायक मानी जाती है।
डॉक्टर कहते हैं, शराब से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें। ये इम्युनिटी को कमजोर करने के साथ रक्त से संबंधित समस्याओं को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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