शारीरिक संरचना और स्थिरता को ठीक रखने के लिए हड्डियों का स्वस्थ रहना सबसे आवश्यक माना जाता है। शारीरिक संरचना को ठीक रखने के अलावा, महत्वपूर्ण अंगों की रक्षा करने, मांसपेशियों को सुरक्षा देने और कैल्शियम के भंडारण में भी हड्डियों की विशेष भूमिका होती है। इसमें होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या का असर शरीर की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है, यही कारण है सभी लोगों को कम उम्र से ही हड्डियों को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है। हालांकि देखा गया है कि कुछ कारकों के चलते कम उम्र के लोगों में हड्डियों की कमजोरी और इससे संबंधित कई प्रकार के रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
Health Tips: हड्डियों की कमजोरी और कम उम्र में गठिया की दिक्कत? इन वजहों से बढ़ रही हैं ऐसी समस्याएं
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आहार में कैल्शियम-विटामिन डी की कमी
कैल्शियम हमारे शरीर के लिए आवश्यक अति महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। हड्डियों के साथ-साथ दांतों की मजबूती के लिए भी इस पोषक तत्व की सभी को आवश्यकता होती है। आहार में कैल्शियम की कमी होने से हड्डियों की समस्या विकसित होने का खतरा हो सकता, इसी प्रकार से विटामिन-डी की कमी के कारण भी हड्डियों की समस्या हो सकती है। भोजन के माध्यम से इन पोषक तत्वों को प्राप्त करना जरूर सुनिश्चित करें। इसके लिए डेयरी उत्पादों, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
शारीरिक निष्क्रियता से बढ़ता खतरा
शारीरिक निष्क्रियता संपूर्ण शरीर के लिए नुकसानदायक मानी जाती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग शारीरिक रूप से निष्क्रिय होते हैं, उनमें अपने उम्र के अन्य लोगों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर समस्याओं के विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है।
नियमित व्यायाम और योग की आदत शरीर में रक्त के संचार को ठीक रखने के अलावा कई अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में आपके लिए लाभकारी हो सकती है।
वजन बढ़ना हड्डियों के लिए नुकसानदायक
दुनियाभर में तेजी से बढ़ती आर्थराइटिस की समस्याओं के लिए बढ़े वजन को प्रमुख कारक के तौर पर जाना जाता है। वजन अधिक होने से घुटनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है जिससे हड्डियों के रोग विशेषकर गठिया की समस्या विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है। मोटापा के कारण हड्डियों के नरम ऊतकों को क्षति और क्रोनिक ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं में वजन बढ़ने और इसके कारण गठिया की समस्या अधिक देखी जाती है।
तंबाकू और शराब का सेवन
शोध बताते हैं कि तंबाकू और शराब के सेवन की आदत से हड्डियां कमजोर होती हैं। तंबाकू के सेवन से हड्डियों के ऊतकों की क्षति का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने पाया कि शराब का सेवन ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ा देता है। तंबाकू और शराब के सेवन के कारण हड्डियों की बीमारियों के साथ फेफड़ों और हृदय से संबंधित समस्याओं का खतरा भी अधिक होता है। इस आदत से तुरंत दूरी बना लें.
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।