देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर थमती नजर आ रही है। रोजाना संक्रमितों के मामले दो लाख से कम होने ही लगे थे कि वैज्ञानिकों ने वायरस के एक नए वेरिएंट को लेकर सचेत किया है। विशेषज्ञों ने कोरोना के वियतनाम वेरिंयट के बारे में लोगों को आगाह किया है, इसे भारत और ब्रिटेन में मिले वेरिंयट का समायोजित रूप (मिक्सचर) बताया जा रहा है। इस वेरिएंट के बारे में फिलहाल जीआईएसएआईडी (ग्लोबल इनीसिएटिव ऑन शेयरिंग ऑल इनफ्लूयंजा डेटा) की तरफ से पुष्टि नहीं की गई है, यह संस्था वायरस के नए वेरिएंट्स के बारे में जानकारी देती है। यही कारण है कि वियतनाम वेरिएंट को फिलहाल कोई नाम या कोड नहीं दिया गया है।
अलर्ट: सामने आया कोरोना का 'सबसे खतरनाक' वेरियंट! बचाव के लिए बस दो गज की दूरी पर्याप्त नहीं
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वियतनाम सरकार ने की पुष्टि
#VietNam detected a new #COVID19 variant combining characteristics of two mutations first found in India and the UK https://t.co/E9W3Ys7IDN pic.twitter.com/ne7YUJTCi9
वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्री गुयेन थान लॉन्ग ने महामारी पर एक राष्ट्रीय बैठक को संबोधित करते हुए इस नए वेरिएंट के बारे में जानकारी दी है। गुयेन थान ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए देश के लोगों को सचेत किया है। हालांकि वियतनाम में अब तक कितने लोग इससे संक्रमित हुए हैं, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है।
नए वेरियंट के बारे में क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला ने वियतनाम वेरिएंट के बारे में विस्तार से जानने के लिए उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स के संस्थापक और निदेशक डॉ शुचिन बजाज से बातचीत की। डॉ शुचिन बताते हैं कि वियतनाम के इस वेरिएंट को हाइब्रेड माना जा सकता है। अब तक की जानकारियों के अनुसार इस वेरिएंट के एयरबार्न होने की आशंका अधिक है, यानी कि यह हवा के माध्यम से ज्यादा फैलता है। डॉ शुचिन बताते हैं कि इस वेरिएंट को अब तक मिले कोरोना के अन्य वेरिएंट्स से काफी खतरनाक माना जा रहा है।
कोरोना के वियतनाम वेरिएंट की प्रकृति के बारे में डॉ शुचिन बताते हैं कि हवा के माध्यम से वायरस के प्रसार होने की मिल रही सूचनाओं का मतलब है कि यह काफी संक्रामक भी हो सकता है। इससे बचने के लिए लोगों को और अधिक सावधान रहने की जरूरत होगी। चूंकि इसके हवा के माध्यम से फैलने की सूचना मिल रही है इसलिए लोगों को घर पर भी मास्क लगाकर रखने की जरूरत हो सकती है। इतना ही नहीं अगर यह वेरिएंट भारत तक पहुंच जाता है तो इससे बचने के लिए दो गज की दूरी पर्याप्त नहीं होगी।
वियतनाम ने अब तक इस वेरियंट के जीन का डेटा प्रस्तुत नहीं किया है, जिस वजह से इस बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रयोगशाला अध्ययनों के अनुसार विशेषज्ञ निम्न बातों की ओर इशारा कर रहे हैं।
- पहले से ज्ञात कोरोना वायरस के वेरिएंट की तुलना में वियतनाम वेरिएंट अधिक आसानी से ट्रांसमिसिबल है।
- यह हवा में तेजी से फैलता है।
- शरीर में प्रवेश के साथ यह तेजी से बढ़ना शुरू कर सकता है जिससे शरीर के की कई अंगों को नुकसान हो सकता है।
- वेरिएंट की लेबोरेट्री अध्ययन में पाया गया है कि यह तेजी से अपनी संख्या बढ़ा सकता है। मतलब संक्रमण के बाद बहुत जल्द ही व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो सकता है।