फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आजादी के 75 साल: मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैले स्टिग्मा को तोड़ने की जरूरत, मन स्वस्थ तभी शरीर रहेगा स्वस्थ

Mon, 15 Aug 2022 07:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 15 Aug 2022 07:30 PM IST
विज्ञापन
mental health stigma in india, How To Raise Awareness About Mental Health
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की आवश्यकता - फोटो : istock

आज देश आजादी के 75 साल पूरे कर रहा है। साल 1947 से अब तक देश ने अनेक क्षेत्रों में विजय गाथा लिखी। दुनिया ने भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का लोहा माना। बात अगर स्वास्थ्य के क्षेत्र की उपलब्धियों की करें तो आजादी के बाद पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को हमने मात दी, कोरोना महामारी के दौरान सबसे पहले वैक्सीन तैयार कर देश के लोगों को गंभीर संक्रमण से न सिर्फ सुरक्षित किया बल्कि विदेशों में भी वैक्सीन की सप्लाई की।



हालांकि सात दशक के सफर पर नजर डालें तो पता चलता है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अब भी बहुत कुछ किया जाना शेष है। 21वीं सदी में भी लोगों के भीतर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कलंक यानी कि स्टिग्मा का भाव देखने को मिल रहा है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी भी बीमारी को लेकर समाज में व्याप्त स्टिग्मा का एक प्रमुख कारण लोगों में उस समस्या को लेकर जानकारियों का अभाव होना माना जाता है। मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अभी भी बहुत प्रयास की आवश्यकता है। आइए जानते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए क्या प्रयास किए जाने चाहिए?

mental health stigma in india, How To Raise Awareness About Mental Health
मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकताओं का समझें - फोटो : Pixabay

मन और शरीर एक दूसरे के पूरक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,  जब भी बात संपूर्ण स्वास्थ्य की होती है, तो इसे अक्सर शरीर की तमाम बीमारियों तक ही सीमित करके देखा जाता है, पर स्वस्थ मन के बिना स्वस्थ शरीर की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोरोना महामारी के बाद से लोगों में जिज्ञासा जरूर बढ़ी है, हालांकि अब भी ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक समस्याओं को लेकर लोग भ्रमित रहते हैं। चिंता-तनाव जैसी समस्याओं से शुरू होकर यह अवसाद जैसी गंभीर स्थितियों का रूप ले सकता है, इस बारे में लोगों को सजग और जागरूक करने की आवश्यकता है।

mental health stigma in india, How To Raise Awareness About Mental Health
मानसिक स्वास्थ्य समस्या होना सामान्य है - फोटो : Istock

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

मनोरोग विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कलंक के कारण लंबे समय से इस समस्या को अनदेखा किया गया है। लोग मानसिक स्वास्थ्य की बात नहीं करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ऐसा करने से लोगों का उनको देखने के प्रति नजरिया बदल जाएगा, मानसिक स्वास्थ्य और बीमारियां उस व्यक्ति को खतरनाक या अलग बना देती हैं और उनमें कई अन्य नकारात्मक गुण आ जाते हैं।

इस तरह की सोच साफ दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर अब तक लोगों को हम इस गंभीर और तेजी से बढ़ती दिक्कत के बारे में समझा ही नहीं पाए हैं। यही कारण है कि ज्यादातर लोगों में अवसाद जैसे गंभीर मामलों को अनदेखा कर वैकल्पिक विधियों से इसे ठीक करने का प्रयास किया जाता रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
mental health stigma in india, How To Raise Awareness About Mental Health
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की जरूरत - फोटो : Pixabay

कैसे दूर करें स्टिग्मा?
 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में ध्यान दिया है, पर शुरुआत हमें अपने व्यवहार में परिवर्तन लाने के साथ करनी होगी। मानसिक स्वास्थ्य को अपनी बातचीत का हिस्सा बनाएं। लोगों से पूछें कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं? दोस्तों, परिवार के साथ इसपर बात की जाए, अगर किसी को समस्या है तो उसे संबंधित मनोचिकित्सक तक ले जाने में बिल्कुल संकोच न करें।  

मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार लोगों को आपके साथ की जरूरत होती है, उनसे अच्छा व्यवहार करें, यह बीमारी को ठीक करने में विशेष मददगार हो सकता है। उन्हें यह महसूस न कराएं कि किसी भी रूप में वे अलग हैं या उनके साथ अलग व्यवहार किया जाना चाहिए। उनके प्रति असभ्य न हों। लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना बहुत आवश्यक है।



---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed