देशभर में आज महाशिवरात्रि की धूम है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। लोग व्रत, पूजा और आराधना के माध्यम से भगवान शिव को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। हिंदू धर्म में व्रत रखने को विशेष लाभदायक बताया गया है, मेडिकल साइंस भी व्रत से शरीर को होने वाले तमाम तरह के फायदों को प्रमाणित करता है। उपवास आपके शरीर को अंदर से साफ करते हुए और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को आराम देता है। पाचन को ठीक रखने से लेकर अपशिष्टों को बाहर निकालने तक में व्रत का विशेष लाभ बताया गया है।
आज का हेल्थ टिप्स: शिवरात्रि का व्रत कर रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान, वरना बिगड़ सकती है आपकी सेहत
उपवास के दौरान हाइड्रेशन का रखें ध्यान
शरीर के स्वस्थ रखने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है। अगर आप उपवास कर रहे हैं तो भी इस बात का विशेष ध्यान रखें। उपवास करते समय शरीर को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी जाती है। दिन भर में कम से कम 8 गिलास पानी पिएं। शरीर को ऊर्जा रखने में यह मदद करेगी साथ ही डिहाइड्रेशन से भी बचाएगी।
आहार का रखें विशेष ध्यान
अगर आप फलाहार व्रत कर रहे हैं तो ताजे फल और आसानी से पचने वाली चीजों को ही आहार में शामिल करें। कच्चे खाद्य पदार्थ, चबाने वाले खाद्य पदार्थ, पैक्ड जूस से बचें क्योंकि इनसे पेट में परेशानी हो सकती है। व्रत के दौरान ज्यादा फल खाने के भी नुकसान हो सकते हैं, इनसे बचें। ज्यादा तली भुनी चीजों का सेवन न करें, इससे पेट में गैस या दर्द की समस्या हो सकती है। व्रत में संयमित मात्रा में ही फलों आदि का सेवन करना चाहिए।
ज्यादा चाय भी हो सकता है नुकसानदायक
उपवास के दौरान अगर आप चाय पीना चाहते हैं तो इसकी भी मात्रा का विशेष ध्यान रखें। चूंकि व्रत के दिन पेट में अनाज नहीं होता है, ऐसे में बार-बार चाय पीने के कारण गैस और एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत हो सकती है। व्रत के दिन आप चाहें तो सुबह-शाम चाय पी सकते हैं। चाय को दुष्प्रभावों को कम करने के लिए चाय पीने से पहले एक गिलास पीना पी लें।
इन बातों का रखें ध्यान
यदि आपको पहले से किसी भी तरह की बीमारी, जैसे डायबिटीज, हृदय रोग, लिवर-किडनी की समस्या है तो बिना डॉक्टर के सलाह के व्रत न करें। व्रत के समय दवाइयों में होने वाले गैप के कारण बीमारी बढ़ सकती है। इसके अलावा ज्यादा देर तक कुछ न खाने के कारण ब्लड शुगर का स्तर भी बढ़ सकता है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के व्रत रखने से बचें। व्रत तभी करें जब शरीर इसकी अनुमति देता हो।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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