बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को हृदय रोगों के प्रमुख कारक के रूप में जाना जाता है। कोलेस्ट्रॉल वैसे तो शरीर के लिए आवश्यक होता है, यह स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण में विशेष भूमिका निभाता है, हालांकि इसकी अधिकता कई प्रकार की समस्याओं का कारण भी बन सकती है। कोलेस्ट्रॉल, दो प्रकार का होता है- गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना, हृदय की गंभीर समस्याओं और कुछ स्थितियों में हार्ट अटैक के खतरे को भी बढ़ा सकता है।
काम की बात: कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना होगा बेहद आसान, बस साल में दो बार करना होगा ये काम
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दो इंजेक्शन से बन जाएगा काम
इंजेक्शन के कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले प्रभावों के बारे में जानने के लिए शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि यह आपकी समस्या को कम करने में काफी सहायक हो सकती है। इनक्लिसिरन नामक इस इंजेक्शन को साल में बस दो बार लेने की जरूरत होगी, जो एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को कई गुना तक कम करने में मददगार पाई गई है। प्रारंभिक नैदानिक परीक्षण के आंकड़े इसमें काफी संतोषजनक पाए गए हैं। हालांकि बिना डॉक्टरी सलाह के यह इंजेक्शन लेना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
इंपीरियल कॉलेज लंदन में प्रोफेसर डॉ कौसिक रे कहते हैं, शोध में पाया गया है कि यह दवा, इंजेक्शन के रूप में लेने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को आधा या उससे अधिक कम करने में सहायक है। इसका प्रभाव चार से छह महीने तक रहता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि हृदय रोगों के बढ़ते खतरे को कम करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, वैश्विक स्तर पर तेजी से रिपोर्ट की जा रही गंभीर समस्याओं में से एक है, जिसे कंट्रोल में रखना बहुत आवश्यक माना जाता है।
एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए अन्य उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी उम्र के लोगों को कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के उपाय करते रहना चाहिए। इसके लिए आहार और दिनचर्या को ठीक रखना सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और बीन्स जैसी चीजों का सेवन बढ़ाने के साथ वसा के सेवन को कम करें। प्रोटीन के लिए पौधे पर आधारित आहार के सेवन पर अधिक ध्यान दें। रिफाइंड अनाज आदि का सेवन कम करें और नियमित रूप से वॉक करने की आदत बनाकर इस गंभीर समस्या को आसानी से नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।