जिस तरह से दुनियाभर में दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, इसे लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी उम्र के लोगों को सावधान कर रहे हैं। डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और हार्ट बीट की जांच कराते रहना चाहिए। अगर इसमें से कुछ भी लगातार असामान्य रह रहा है तो तुरंत सावधान हो जाएं और समय रहते इसका इलाज कराएं।
दिल की बात: क्या आपका हार्ट रेट भी अक्सर रहता है 120 के ऊपर? जानिए क्या है कारण और कब हो जाएं सावधान
Heart Problems: आराम करते समय हार्ट रेट 120 बीट प्रति मिनट या इससे अधिक होना चेतावनी का संकेत हो सकता है। धड़कन तेज होने के साथ चक्कर, कमजोरी और सांस फूलने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। स्मार्टवॉच शुरुआती संकेत दे सकती है, लेकिन सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
वैसे तो व्यायाम, बुखार, स्ट्रेस, दर्द और कुछ दवाओं के कारण भी हार्ट रेट अस्थायी रूप से बढ़ सकती है। हालांकि चिंता तब बढ़ जाती है, जब धड़कन बिना किसी स्पष्ट कारण के तेज हो जाए या इसके साथ चक्कर आने, सांस फूलने, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें। कम उम्र के लोगों में भी दिल की धड़कन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इन संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना बहुत जरूरी है।
हार्ट रेट बढ़ा रहे तो हो जाएं अलर्ट
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आराम करते समय स्मार्टवॉच पर लगातार 120 बीट प्रति मिनट या अधिक हार्ट रेट दिखना गंभीर हो सकता है। खासकर तब, जब इसके साथ दिल तेजी से धड़कने, चक्कर आने या बेहोशी जैसे लक्षण हों।
- ऐसा ही एक मामला 23 वर्षीय युवक में सामने आया। उसकी स्मार्टवॉच ने आराम के दौरान करीब 120 बीट प्रति मिनट हार्ट रेट दिखाई दी।
- युवक को साढ़े तीन महीने से दिल तेज धड़कने और बेहोशी की शिकायत थी। जांच में उसे एट्रियोवेंट्रिकुलर नोडल री-एंट्री टैकीकार्डिया नामक समस्या का पता चला।
- डॉक्टरों ने इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी स्टडी से अनियमित धड़कन की वजह जानी। फिर रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन प्रक्रिया से उसका सफल इलाज किया गया। उसके बाद मरीज की हालत स्थिर रही।
सीनियर कंसल्टेंट डॉ. वरुण बंसल कहते हैं, दिल की समस्या हमेशा सीने में दर्द जैसे गंभीर लक्षण से शुरू हो, ये जरूरी नहीं है। हार्ट रेट में असामान्य बदलाव भी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। व्यायाम, तनाव, चिंता या बुखार जैसे सामान्य कारणों से भी धड़कन तेज हो सकती है। लेकिन आराम करते समय बिना किसी स्पष्ट कारण के बढ़ी हार्ट रेट को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
दिल की धड़कन बढ़ने की समस्या क्या है?
दिल की धड़कन सामान्य से तेज महसूस होना एक आम समस्या है, जिसे मेडिकल भाषा में हार्ट पैल्पिटेशन कहा जाता है। इसमें आपको ऐसा महसूस हो सकता है जैसे दिल तेजी से धड़क रहा है या धड़कन अनियमित हो गई है।
- यदि आराम करते समय हार्ट रेट लगातार 100 से अधिक रहती है, तो इसे टैकीकार्डिया
- कभी-कभी तेज धड़कन कुछ मिनटों में अपने आप सामान्य हो जाती है, लेकिन बार-बार ऐसा होना किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
- यदि इसके साथ चक्कर आने, सांस फूलने, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण हों, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दिल की धड़कन क्यों बढ़ जाती है?
दिल की धड़कन बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर शारीरिक मेहनत, व्यायाम, मानसिक तनाव-चिंता और नींद की कमी की वजह से ये समस्या हो सकती है।
कई बार कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी धड़कनों में अनियमितता का कारण हो सकती हैं। एनीमिया, थायरॉइड हार्मोन का बढ़ने, इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन और कुछ हृदय रोगों में ये समस्या देखी जाती है।
हार्ट रेट बढ़ जाए तो क्या करें?
यदि आराम करते समय हार्ट रेट बढ़ जाए, तो सबसे पहले बैठ जाएं और शांत रहने की कोशिश करें। धीरे-धीरे सामान्य तरीके से सांस लें और यदि शरीर में पानी की कमी की आशंका हो, तो पानी पिएं। स्मार्टवॉच पर रीडिंग देखने के साथ अपनी नब्ज भी चेक कर सकते हैं।
- कुछ मिनट आराम करने के बाद भी धड़कन तेज बनी रहे, बार-बार ऐसा हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ईसीजी और अन्य जांच करा सकते हैं।
- इस दौरान कैफीन, निकोटीन और अन्य उत्तेजक पदार्थों से बचें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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