Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole
डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन
संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर
डिग्री- एम.बी.बी.एस
अनुभव- 28 वर्ष
यदि घर के किसी सदस्य का कोरोना के कारण अस्पताल में इलाज चल रहा है तो ऐसे में अन्य किसी परिजन का कोई सामान देने, खाना देने या किसी न किसी कारणवश अस्पताल आना-जाना लगा ही रहता है, ऐसे में माना कि आप उनके निकट नहीं जा रहे लेकिन एक ऐसी जगह अवश्य जा रहे हैं, जहां वायरस आपके आस-पास ही घूम रहा है इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें तभी आप दूसरों का ख्याल रख सकेंगे। अगली स्लाइड्स से जानिए अस्पताल जाने वाले व्यक्ति के लिए किन बातों का ध्यान रखना है बहुत जरूरी।
2 of 5
ग्लव्स आपको बहुत हद तक संक्रमण से बचा लेंगे
- फोटो : Social media
ग्लव्स जरूर पहनें
यदि आप अस्पताल जा रहे हैं तो ग्लव्स जरूर पहनें और किसी भी कीमत पर जब तक घर नहीं लौटते, उन ग्लव्स को न उतारें। जिस भी व्यक्ति को सामान दे रहे हैं, उसे सामान देने के बाद ग्लव्स पहने हाथों को वहीं की वहीं सैनिटाइज करें। किसी भी व्यक्ति को हाथ में सामान न दें, सामान को कहीं रख दें ताकि वो व्यक्ति उसे उठाकर कोरोना मरीज तक पहुंचा सके। ग्लव्स आपको बहुत हद तक संक्रमण से बचा लेंगे।
3 of 5
किसी का हाथ न लगे
- फोटो : social media
एक ही कपड़े पहनें
यदि रोज आपका किसी न किसी सामान देने या खाना देने अस्पताल जाना होता है तो एक जोड़ी कपड़े तय कर लें। उन्हें आकर कहीं ऐसी जगह खोलकर रखें जहां उनपर बार-बार किसी का हाथ न लगे। पूरे घर में न घूमते हुए, सबसे पहले उन कपड़ों को निकालकर कहीं रख दें। अगले दिन तक 24 घंटे हो चुके होंगे, उन्हीं कपड़ों को वापिस पहनकर चले जाएं।
4 of 5
तुरंत हाथों को सैनिटाइज कर लें
- फोटो : Pixabay
सैनिटाइज करने में लापरवाही न हो
सैनिटाइजर आप अपने साथ ले ही जा रहे हैं तो उसके उपयोग में लापरवाही न करें। जैसे ही आपने किसी को कोई सामान दिया या किसी स्थान पर सामान रखा, वैसे ही तुरंत हाथों को सैनिटाइज कर लें, दिमाग में ऐसा विचार बिल्कुल न लाएं कि अभी थोड़ी देर से कर लेंगे या बार-बार किसी चीज को हाथ लग रहा है तो इकट्ठा ही कर लेंगे। ये आलस आपको महंगा पड़ सकता है इसलिए बिल्कुल भी लापरवाही न करें।
5 of 5
घर के भीतर कोरोना वायरस न आ सके
- फोटो : Pixabay
कोई सामान लेकर घर के भीतर न आएं
यदि आप कोई कपड़े की थैली वगैरह में सामान लेकर गए हों और उसे अस्पताल से वापिस लेकर लौटे हों तो उसे घर के बाहर ही किसी सुरक्षित जगह, कोने आदि में रख दें ताकि अगले दिन फिर आप उसका उपयोग कर सकें और ऐसा जरूरी नहीं है तो उस थैली को आप डस्टबिन में भी डाल सकते हैं क्योंकि यहां आपको हर तरह का प्रयास करना है कि आपके घर के भीतर कोरोना वायरस न आ सके।
नोट- यह लेख संत रविदास हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेष अकोले से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर विशेष अकोले पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री जी.एस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उत्तर प्रदेश से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।