कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्राॅन के मामले भारत सहित दुनिया भर में बढ़ते जा रहे हैं। देश में 14 राज्यों में 200 से ज्यादा ओमिक्राॅन संक्रमित मिल चुके हैं। वैज्ञानिक ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में विस्तार से जानने के लिए अध्ययन कर रहे हैं। ओमिक्राॅन के लक्षण डेल्टा से अलग हैं, ऐसे में इसके नए नए लक्षणों का पता चल रहा है। वहीं संक्रमितों में ओमिक्राॅन वैरिएंट की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग कराने की जरूरत पड़ रही है। हालांकि अब ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण की पहचान आसान होने वाली है। वैज्ञानिकों ने संक्रमण के निदान के लिए एक खास किट तैयार की है।
Omicron Variant: ओमिक्रॉन संक्रमण पर आईसीएमआर ने दी राहत, वैरिएंट का पता लगाने के लिए विकसित की असरदार किट
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ओमिक्रॉन की जांच किट
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक आईसीएमआर के क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, डिब्रूगढ़ ने एक नई तकनीक को विकसित की है। वैज्ञानिकों के ओमिक्रॉन संक्रमण का पता लगाने के लिए एक रियल टाइम आरटीपीसीआर और एक किट विकसिक की है। माना जा रहा है कि इस किट के माध्यम से बिना जीनोम सिक्वेंसिंग के भी संक्रमण की आसानी से पहचान की जा सकेगी।
संक्रमितों का पहचान करना होगा आसान
आईसीएमआर दिल्ली ने बड़े स्तर पर इस किट के विकास और व्यावसायीकरण के लिए ईमेल के माध्यम से किट निर्माताओं को आमंत्रित किया है। फिलहाल देश में ओमक्रॉन संक्रमण की पहचान के लिए सैंपल का जीनोम सिक्वेंसिंग कराया जाता है, जिससे वास्तविक स्थिति की निदान किया जा सके। यह तकनीक अपेक्षाकृत अधिक समय लेती है, ऐसे में इस किट के आने के बाद संक्रमितों का पता लगाना आसान हो जाएगा।
भारत में बिगड़ रहे हैं हालात
हालिया रिपोर्टस के मुताबिक देश में लगातार ओमिक्रॉन से संक्रमितों के मामले में इजाफा देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या सबसे अधिक है, वहीं राजधानी दिल्ली में अब तक 26 लोगों में ओमिक्रॉन के संक्रमण की पहचान की जा चुकी है। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जाहिर कहते हुए एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए हमें गंभीरता दिखानी होगी। ब्रिटेन के हालात से हमें सीख लेने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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