पाचन क्रिया को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सभी लोगों को कम मसाले और हल्के तेल वाले भोजन करने की सलाह दी जाती है। यही कारण है कि अक्सर बीमारी के दिनों में लोगों को काफी हल्का भोजन दिया जाता है। तो क्या स्वस्थ रहने के लिए हमें मसालों का सेवन बिल्कुल बंद कर देना चाहिए? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं- बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन को ही सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है, अगर संतुलित मात्रा में मसालों का सेवन किया जाए तो इसके नुकसान नहीं होते हैं। इतना ही नहीं आयुर्वेद में कई मसालों को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद भी बताया गया है।
अध्ययन: इन मसालों में छिपे हैं सेहतमंद जीवन के राज, कई गंभीर रोगों के खतरे हो सकते हैं कम
अध्ययन में दिखे मसालों के फायदे
चेन्नई स्थित श्री रामचंद्र विश्वविद्यालय के हर्बल एंड इंडियन मेडिसिन रिसर्च लेबोरेटरी विभाग द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि भारतीय मसाले हृदय के साथ शरीर के कई अन्य अंगों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। हन्ना आर वसंती और आर.पी परमेश्वर द्वारा प्रस्तुत शोध पत्र में इस बारे में विस्तार से बताया गया है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि भारतीय मसाले प्रकृति का वरदान हैं जिनका सही मात्रा में सेवन करना सेहत, विशेष रूप से हृदय के लिए लाभदायक हो सकता है।
लहसुन
अध्ययन में कई मसालों को हृदय के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक पाया गया, लहसुन उन्हीं में से एक है। अध्ययन में पाया गया कि लहसुन, हृदय रोग के कारकों को कम करने में सहायक हो सकता है। लहसुन का सेवन बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है, जिसे हृदय रोगों का मुख्य कारण माना जाता है। इसके अलावा लहसुन, रक्तचाप को कम करने के साथ एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा को बढ़ाता है।
हल्दी
सभी घरों में प्रयोग में लाए जाने वाले हल्दी के सेवन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानते हैं। हल्दी में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लामेटरी गुण के कारण वर्षों से इसे पेट दर्द, दांत दर्द, सीने में दर्द और मासिक धर्म की कठिनाइयों में प्रयोग में लाया जाता रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि आहार में हल्दी का उपयोग करने से 4 सप्ताह के भीतर गुड कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि करते हुए बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। ऐसे में मधुमेह, किडनी और हृदय रोगियों के लिए हल्दी का सेवन विशेष लाभप्रद हो सकता है।
काली मिर्च में प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट और जीवाणुरोधी गुण मौजूद होते हैं, जो पाचन को ठीक रखने के साथ वजन घटाने में मदद करते हैं। काली मिर्च वैनेडियम से भरपूर होने के कारण मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) से उबरने में मदद कर सकती है। बुखार, सर्दी-जुकाम के घरेलू उपचार के रूप में वर्षों से काली मिर्च के सेवन की सलाह दी जाती रही है।
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स्रोत और संदर्भ
Indian Spices for Healthy Heart - An Overview
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