हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप का ही दूसरा नाम हाइपरटेंशन है। इसे कभी-कभी धमनी उच्च रक्तचाप भी कहते हैं। इसके अलावा इसे 'साइलेंट किलर' के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, यह एक स्थिति है, जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव काफी बढ़ जाता है और दबाव की इस वृद्धि के कारण रक्त की धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाए रखने के लिए हृदय को सामान्य से अधिक काम करने की जरूरत पड़ती है। उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन की वजह से हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं हाइपरटेंशन के कारण, लक्षण और उसकी वजह से होने वाले खतरों के बारे में...
क्या होता है हाइपरटेंशन? जानिए इसके कारण, लक्षण और खतरों के बारे में सबकुछ
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हाइपरटेंशन के कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, हाइपरटेंशन का मुख्य कारण स्ट्रेस (तनाव) और अनियंत्रित खानपान होता है। इसके अलावा हाइपरटेंशन के कुछ अन्य कारण भी हैं, जैसे-
- मोटापा
- तनाव
- नींद की कमी
- अधिक गुस्सा करना
- तैलीय पदार्थों का अधिक सेवन
हाइपरटेंशन के लक्षण
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी सीडीसी के मुताबिक, उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन में आमतौर पर कोई चेतावनी संकेत या लक्षण नहीं होते हैं और बहुत से लोग ये जानते भी नहीं होते हैं कि उन्हें यह समस्या है। आपके रक्तचाप को मापना ही यह जानने का एकमात्र तरीका है कि आपको उच्च रक्तचाप है या नहीं। हालांकि फिर भी विशेषज्ञ इसके कुछ सामान्य लक्षण बताते हैं, जो इस प्रकार हैं:
- सिर दर्द, सिर चकराना
- थकान और सुस्ती लगना
- नींद न आना
- दिल की धड़कन बढ़ जाना
- सीने में दर्द
- सांसें तेज चलना या सांस लेने में तकलीफ होना
- आंखों से धुंधला दिखना
हाइपरटेंशन के खतरे
- हाइपरटेंशन की वजह से स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। सीडीसी के मुताबिक, हाइपरटेंशन हृदय संबंधी रोगों (हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर यानी हृदय की गति रूक जाना और स्ट्रोक) का कारण बन सकता है। इसके अलावा इसकी वजह से मस्तिष्क और किडनी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप डॉक्टर की सलाह लें और अपने खानपान में सुधार करें।