हृदय रोगों का खतरा दुनियाभर में तेजी से बढ़ता जा रहा है, ये मौत का सबसे प्रमुख कारण भी बना हुआ है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े, विशेषतौर पर कोविड के बाद के डेटा पर नजर डालें तो पता चलता है कि हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट और हार्ट फेलियर जैसी दिक्कतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। कुछ दशकों पहले तक हृदय रोगों और हार्ट अटैक को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के रूप में जाना जाता था हालांकि अब युवा आबादी, यहां तक कि 20 से कम उम्र के लोग न सिर्फ इसका शिकार हो रहे हैं बल्कि इनमें मौत के आंकड़े भी काफी बढ़ गए हैं।
Heart Health: किसी को हार्ट अटैक आए तो तुरंत क्या करें? डॉक्टर से जानिए कैसे बचाएं रोगी की जान
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े, विशेषतौर पर कोविड के बाद के डेटा पर नजर डालें तो पता चलता है कि हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट और हार्ट फेलियर जैसी दिक्कतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। हाल में ही सामने आए तीन केस ने लोगों को डरा दिया है।
क्रिकेट खेलते समय आया हार्ट अटैक
A 21 year old BTech student died, allegedly due to a heart attack, while playing cricket with friends at CMR college's ground in Medchal. #Hyderabad @XpressHyderabad pic.twitter.com/GZbuGBjQZc
हार्ट अटैक का एक और मामला हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र का है। शुक्रवार को मैदान में क्रिकेट खेलते समय एक छात्र अचानक से गिर पड़ा। देखते-देखते उसके आसपास साथियों की भीड़ इकट्ठा होने लग गई। कुछ साथी उसे उठाने लगे। आनन-फानन में दोस्त उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या फिटनेस का ध्यान रखने वाले लोग भी हार्ट अटैक से सुरक्षित नहीं हैं?
आइए डॉक्टर से इस बारे में समझते हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को लेकर गाजियाबाद स्थित एक अस्पताल में डॉ बृजपाल त्यागी ने एक वीडियो पोस्ट में बताया कि हार्ट अटैक के अधिकतर मामले ऐसे होते हैं जिनमें अगर आसपास के लोग कुछ त्वरित प्रयास करें तो जान बचाई जा सकती है।
क्रिकेट खेलते हुए हार्ट अटैक से मौत के मामले को लेकर डॉ त्यागी कहते हैं, हार्ट अटैक के बाद लोगों ने लड़के को घेर लिया और उसे सीधा खड़ा करने लगे। आसपास बहुत लोगों के इकट्ठा हो जाने से ऑक्सीजन बाधित हो सकता है। यहां अगर सीपीआर दी जाती तो संभव है कि उसकी जान बच सकती थी। इससे ऑक्सीजन के संचार को बढ़ाया जा सकता है जिससे जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।
हार्ट अटैक होने पर क्या करें?
डॉ त्यागी बताते हैं कि हार्ट अटैक के अधिकतर मरीजों को अगर समय पर सीपीआर दे दिया जाए तो इससे जान बचाई जा सकती है।
- इसके लिए सबसे पहले रोगी के कपड़े और बेल्ट ढीला कर दें और सीपीआर देते समय एक मिनट में कम से कम 100-120 बार पंप करें।
- हमेशा सीधे हाथ से सीपीआर दें, कोहनी मुड़नी नहीं चाहिए। त्वरित उपचार के रूप में रोगी को एक डिस्प्रिन की गोली लें और मुंह में रखें, ये गोली खुद ही घुल जाती है।
- इसके साथ मरीज के सांस और नाड़ी को चेक करते रहे और बार-बार सीपीआर देते रहें, जब तक कि उसे तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल में न पहुंचा दिया जाए।
किसी को हार्ट अटैक हो जाए तो क्या न करें?
- अगर किसी को दिल का दौरा पड़ता है, तो तुरंत त्वरित उपचार और सीपीआर दें। इसके अलावा कुछ बातों का ध्यान रखें।
- रोगी को शुरुआती चिकित्सा सहायता देते समय आप घबराएं नहीं और चौकस रहना बहुत जरूरी है।
- व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। तुरंत एंबुलेंस बुलाएं और रोगी को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं।
- लक्षणों को नजरअंदाज न करें या फिर लक्षणों के खुद से ठीक होने का इंतजार न करें।