बीमारी में मरीजों को आराम दिलाने में दवाओं की गुणवत्ता बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई बार विदेशों से आयात की गई दवाओं की एक्सपायरी डेट नजदीक होने के कारण मरीजों और स्वास्थ्य संस्थानों के सामने उनके समय पर इस्तेमाल की चुनौती खड़ी हो जाती है। ऐसी दवाओं के इस्तेमाल में जल्दबाजी या स्टॉक में पड़े रहने से दवा बर्बाद होने का खतरा भी रहता है।
बड़ा कदम: अब एक्सपायरी के करीब वाली दवाएं नहीं आएंगी भारत! सरकार का बड़ा फैसला; जानें क्या होंगे इसके फायदे
India Drug Import Rules: केंद्र सरकार ने दवाओं के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। केंद्र सरकार ने एक साल से कम की शेष उपयोग अवधि वाली दवाओं के आयात पर रोक लगा दी है। जानिए इससे आम लोगों को सीधे क्या लाभ मिलेगा?
एक साल से कम की एक्सपायरी डेट वाली दवाओं के आयात पर रोक
केंद्र सरकार ने एक साल से कम की शेष उपयोग अवधि वाली दवाओं के आयात पर रोक लगा दी है। जैविक दवाओं और रेडियोफार्मास्यूटिकल्स के लिए अलग प्रावधान किया गया है, जिसके तहत लेबल पर दर्ज कुल उपयोग अवधि का 60 फीसदी शेष होने पर आयात की अनुमति दी जा सकती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी की है।
- अधिसूचना के साथ ही औषधि नियम, 1945 के नियम 31 में संशोधन प्रभावी हो गया है।
- नए प्रावधान के अनुसार, आयात के समय सामान्य श्रेणी की दवाओं की उपयोग अवधि कम से कम एक साल शेष होनी चाहिए।
- इससे कम अवधि वाली दवाओं के आयात की अनुमति लाइसेंसिंग प्राधिकरण नहीं देगा।
- जैविक दवाओं और रेडियोफार्मास्यूटिकल्स के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। इनके मामले में लेबल पर दर्ज कुल उपयोग अवधि का 60 प्रतिशत शेष होने पर अनुमति दी जा सकती है।
मंत्रालय के अनुसार, औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड से परामर्श और प्रस्तावित संशोधन पर जनता से मिली प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद नए नियमों को अंतिम रूप दिया गया। सरकार ने 22 जून, 2026 को संशोधन का मसौदा जारी कर संबंधित पक्षों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। अधिसूचना के मुताबिक, प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद संशोधन को अधिसूचित किया गया।
इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस नए नियम से आम लोगों को कई महत्वपूर्ण फायदे होंगे। सबसे बड़ा लाभ यह है कि बाजार में कम समय के लिए उपयोग के लिए बची दवाएं कम हो जाएंगी। इससे मरीजों को ऐसी दवाएं खरीदने का जोखिम कम होगा, जिनकी एक्सपायरी डेट जल्द आने वाली हो।
- दवाओं की पर्याप्त उपयोग अवधि बची रहने से मरीज उनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार निर्धारित उपचार अवधि तक कर सकेंगे।
- साथ ही, एक्सपायरी के कारण दवाओं के बर्बाद होने और उपभोक्ताओं के पैसे डूबने की आशंका भी कम होगी।
- यह नियम दवा की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा। खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को फायदा हो सकता है, जहां दवाओं का स्टॉक लंबे समय तक रखा जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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