जिम जाने लोगों में मांसपेशियों को मजबूत बनाने और शरीर को फिट रखने के लिए प्रोटीन का सेवन बढ़ाने का चलन देखा जा रहा है। कई लोग इसके लिए अपनी डाइट में अंडे, पनीर, चिकन के साथ प्रोटीन पाउडर को शामिल कर लेते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रोटीन इंटेक बढ़ाने के लिए प्रोटीन पाउडर का सेवन करते समय सभी लोगों को अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहना चाहिए।
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रोज जिम करने और प्रोटीन लेने वाले लोगों को किडनी की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी डिजीज की फैमिली हिस्ट्री या पहले से किडनी की बीमारी होने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्वस्थ किडनी आमतौर शरीर से अपशिष्टों को फिल्टर करती रहती है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने, बिना पर्याप्त मात्रा में पानी के कठिन व्यायाम करना, बार-बार डिहाइड्रेशन या पहले से किडनी की बीमारी होना आपके लिए कई तरह के जोखिम बढ़ा सकता है।
ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी पर क्या असर पड़ता है?
प्रोटीन के पाचन के बाद शरीर में नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट बनते हैं, जिन्हें किडनी पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करती है। हालांकि अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से किडनी के फिल्ट्रेशन का काम बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से क्रोनिक किडनी डिजीज है, उनके लिए अधिक प्रोटीन नुकसानदायक भी हो सकता है।
क्या रोज जिम करने वालों को किडनी टेस्ट कराना चाहिए?
अगर आप नियमित व्यायाम करते हैं और संतुलित आहार लेता हैं, तो किडनी की सेहत को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या पहले से किडनी की हिस्ट्री होने पर आपको एहतियातन किडनी के सेहत के बारे में चेकअप कराते रहना चाहिए।
- डॉक्टर जरूरत के अनुसार सीरम क्रिएटिनिन और ईजीएफआर से किडनी की फिल्ट्रेशन क्षमता का आकलन कर सकते हैं।
- यूरिन एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेशियो से पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा पता चलती है।
सप्लीमेंट लेने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो सभी लोगों को प्रोटीन पाउडर लेने की जरूरत नहीं होती है। सामान्य भोजन से प्रोटीन की जरूरतें पूरी हो सकती हैं। अगर आप प्रोटीन सप्लीमेंट लेना चाह रहे हैं तो सप्लीमेंट्स का चुनाव करते समय उसकी गुणवत्ता और सामग्री लेवल की सही से जांच कर लें।
किडनी को हेल्दी रखने और बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए इसके लक्षणों पर लगातार नजर रखें। पैरों या चेहरे पर सूजन, पेशाब में लगातार झाग, पेशाब में खून आने जैसी दिक्कतें हो रही हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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