बार-बार पेशाब जाने का एहसास होना कई तरह की मेडिकल समस्याओं के संकेत के तौर पर देखा जाता है। अक्सर माना जाता रहा है कि डायबिटीज के शिकार लोगों को यह दिक्कत होती है, पर इसके और भी कई कारण हो सकते हैं जिसपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। रात के समय एक बार पेशाब के लिए जगना काफी सामान्य है पर अगर आपको ये जरूरत एक से अधिक बार महसूस हो रहती है तो इस बारे में तुंरत किसी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। इसे मेडिकल की भाषा में नोक्टूरिया की समस्या के रूप में जाना जाता है।
Health Alert: रात में पेशाब के लिए एक से अधिक बार उठना पड़ता है तो सावधान, तुंरत डॉक्टर से मिलिए
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रात में बार-बार पेशाब जाने की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं, रात के दौरान पेशाब जाने की जरूरत होना सामान्य है, लेकिन दो या दो से अधिक बार जाने की स्थिति इस बात की तरफ इशारा करती है कि आपको चेकअप की आवश्यकता है।
इस तरह की दिक्कत को नोक्टूरिया नाम से जाना जाता है। यह कई कारणों से हो सकता है- सोने जाने से पहले बहुत अधिक शराब पीना, बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियां (जैसे उच्च रक्तचाप, गठिया, डायबिटीज या अवसाद) आदि। कारणों के सही निदान के लिए आवश्यक है कि आप समय रहते किसी डॉक्टर से जरूर मिलें।
क्यों होती है ये दिक्कत?
नोक्टूरिया एक मेडिकल टर्म है जिसके कई कारण हो सकते हैं। आपको कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण भी ये दिक्कत हो सकती है। विशेष रूप से मूत्रवर्धक दवाएं जो उच्च रक्तचाप, हार्ट फेलियर जैसी दिक्कतों में दी जाती हैं। इसके अलावा शराब और कैफीन युक्त पेय पदार्थ भी मूत्रवर्धक होते हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें पीने से आपके शरीर में अधिक मूत्र उत्पन्न होता है। इसलिए, अधिक मात्रा में शराब या कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन करने से रात में जागना और पेशाब करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
अगर आपको इन आदतों में सुधार के बाद भी लाभ नहीं मिल रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें।
नोक्टूरिया कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लाइफस्टाइल में सामान्य से बदलाव करके आप इस तरह की दिक्कतों को कम कर सकते हैं। सोने जाने से 3-4 घंटे पहले आप जो भी पीते हैं उसे कम करने से आपको रात में बार-बार पेशाब जाने की समस्या में आराम मिल सकता है।
- शराब और कैफीन युक्त पेय का सेवन कम करें।
- अगर कुछ दवाइयों के कारण यह दिक्कत हो रही है तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही दवाओं का सेवन कम या बंद करना चाहिए।
- डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य की कुछ समस्याओं के कारण भी ये परेशानी हो सकती है, इसे कंट्रोल करने का प्रयास करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।