स्ट्रोक, दुनियाभर में मृत्यु के बढ़ते जोखिम कारकों में से एक है, जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में स्ट्रोक से हर साल लगभग 1.40 लाख लोगों की मौत हो जाती है, यह लगभग 20 मौतों में से एक मौत के बराबर है। विशेषज्ञ कहते हैं, अमेरिका में हर 40 सेकंड में किसी को स्ट्रोक होता है, हर 4 मिनट में स्ट्रोक से एक की मौत हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इस बढ़ते खतरे से बचाव को लेकर उपाय करते रहना बहुत जरूरी है।
Stroke Risk: डाइट में फाइबर, 7% तक कम कर सकता है स्ट्रोक का खतरा, बचाव के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
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फाइबर कम करता है स्ट्रोक का जोखिम
आहार में फाइबर की अधिकता पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए बहुत आवश्यक मानी जाती है, आहार में इसकी मात्रा को बढ़ाकर स्ट्रोक के खतरे को भी कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दैनिक आहार में प्रत्येक 7 ग्राम अतिरिक्त फाइबर को शामिल करने से आपके स्ट्रोक का जोखिम 7% तक कम हो जाता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन लगभग 25 ग्राम की मात्रा में फाइबर की जरूरत होती है। नियमित रूप से इसके सेवन की मात्रा को बढ़ाकर शरीर को स्वस्थ रखने में लाभ मिल सकता है।
आइए जानते हैं और किन उपायों का पालन करके स्ट्रोक से बचाव किया जा सकता है?
हृदय गति पर रखें ध्यान
एट्रियल फिब्रिलेशन (एएफआईबी) अनियमित हृदय गति की समस्या है, जिसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना सभी लोगों के लिए जरूरी है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि अगर आपको अक्सर ये समस्या बनी रहती है तो इसके स्ट्रोक होने की आशंका पांच गुना अधिक हो जाती है। यदि आपके दिल की धड़कन अक्सर तेज या अनियमित बनी रहती है तो इस बारे में समय रहते किसी विशेषज्ञ से सलाह लें। इससे हार्ट अटैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
मोटापा और ब्लड प्रेशर को करें कंट्रोल
मोटापा या अधिक वजन की स्थिति भी स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर आप 4-5 किलो भी वजन कम कर सकते हैं तो इससे भी आप अपने जोखिमों को कम कर सकते हैं। अधिक वजन, हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को भी बढ़ा देती है और इसे स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक माना जाता है।
यदि आपका रक्तचाप अक्सर बढ़ा हुआ रहता है तो इसके कारण भी स्ट्रोक हो सकता है।
ज्यादा तनाव की स्थिति भी खतरनाक
तनाव सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य की समस्या नहीं है, ये आपमें स्ट्रोक होने के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। तनाव की समस्या शरीर में इंफ्लामेशन को बढ़ाने वाली मानी जाती है, इससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है। तनाव की स्थिति को स्ट्रोक के अलावा शरीर में कई प्रकार की और भी क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारक माना जाता है, इसे प्रबंधित करने के लिए प्रयास किया जाना जरूरी है।
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स्रोत और संदर्भ
Eating more fiber may lower risk of first-time stroke
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