Donald Trump Aspirin: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी ट्रंप बड़े मुखर रहे हैं। आपको सितंबर 2025 की वो प्रेस कॉन्फ्रेंस याद है जिसमें उन्होंने गर्भावस्था में पैरासिटामोल न लेने की सलाह दी थी? ट्रंप ने कहा था कि इस दवा में इस्तेमाल किए जाने वाले सक्रिय घटक से बच्चों को ऑटिज्म का खतरा हो सकता है। ये काफी समय तक चर्चा में रहा, हालांकि बाद में विशेषज्ञों की टीम ने अध्ययन के आधार पर स्पष्ट किया था गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेने से बच्चों में ऑटिज्म या एडीएचडी जैसी बीमारी होने के खतरे के बीच कोई ठोस संबंध नहीं मिला है।
Donald Trump: हार्ट को हेल्दी रखने के लिए 'जान से खेल' रहे हैं ट्रंप? हालिया इंटरव्यू ने उठाए कई गंभीर सवाल
- द वॉल स्ट्रीट जर्नल से बात करते हुए, ट्रंप ने खुलासा किया है कि वह अपने डॉक्टरों की सलाह से कहीं ज्यादा मात्रा में एस्पिरिन दवा रोजाना ले रहे हैं।
- डॉक्टरों ने उनसे एस्पिरिन की खुराक कम करने के लिए कहा है, लेकिन वह अपनी बात पर अड़े हुए हैं।
पहले जान लीजिए क्या कहा ट्रंप ने?
वॉल स्ट्रीट जर्नल से एक बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि डॉक्टरों ने उनसे एस्पिरिन की खुराक कम करने के लिए कहा, लेकिन वह अपनी बात पर अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, "मैं थोड़ा अंधविश्वासी हूं। मैं वर्षों से एस्पिरिन लेता आ रहा हूं और ये मेरे लिए फायदेमंद रहा है तो मैं इस रूटीन में बदलाव नहीं करना चाहता।
राष्ट्रपति ने ये भी बताया कि डॉक्टर चेतावनी देते रहे हैं कि इससे रक्तस्राव हो सकता है और त्वचा पर नीले निशान हो सकते हैं।
ट्रंप ने अपने तर्क को साफ शब्दों में बताया कि उनका मानना है कि एस्पिरिन खून को पतला करने और उनके दिल पर बोझ कम करने में मदद करती है। मैं नहीं चाहता कि मेरे दिल में गाढ़ा खून बहे।मैं चाहता हूं कि मेरे दिल में अच्छा, पतला खून बहे।
क्या कहते हैं ट्रंप के डॉक्टर?
एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप के डॉक्टर, नेवी कैप्टन सीन बारबाबेला ने बताया कि राष्ट्रपति "कार्डियक प्रिवेंशन" के उपाय के तौर पर हर दिन 325 मिलीग्राम एस्पिरिन लेते हैं, जो आमतौर पर दी जाने वाली खुराक (81 मिलीग्राम) से चार गुना ज्यादा है। 1 जनवरी, 2026 को पब्लिश हुए इस इंटरव्यू में उनके मेडिकल चेकअप, अजीबोगरीब आदतों और रोजाना एस्पिरिन लेने की आदत के बारे में बताया गया है।
गौरतलब है कि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन इस दवा को डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेने की सलाह देता है, जो आपके ब्लड टेस्ट और लाइफस्टाइल के हिसाब से तय होती है। हालांकि, ट्रंप जिस तरह से दवा का ओवरडोज कर रहे हैं उससे सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एस्पिरिन दवा के बारे में जान लीजिए
एस्पिरिन एक तरह की नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा है जिसे हल्के से मध्यम तरह के दर्द, सूजन या गठिया के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। ये खून को पतला करती है और गाढ़ा होने से बचाती है, ऐसे में इसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक या खून के थक्के बनने के जोखिमों को भी कम करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
बच्चों के लिए इस दवा के इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञ हमेशा डॉक्टरी सलाह और पूरी जांच की सलाह देते हैं। 65 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में इसके गंभीर रिएक्शन हो सकते हैं और उन्हें कम डोज लेने की सलाह दी जाती रही है।
ज्यादा मात्रा में एस्पिरिन लेने से क्या दिक्कतें होती हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार इस दवा के ओवरडोज से कई तरह के गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं। कुछ मामलों में इसके जानलेवा दुष्प्रभावों का भी खतरा हो सकता है।
एस्पिरिन दवा के कारण कुछ लोगों में एलर्जिक रिएक्शन जैसे त्वचा पर चकत्ते, खुजली, पित्ती, चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन हो सकती है। इसके अलावा चूंकि ये दवा खून को पतला करती है, ऐसे में इसकी अधिक मात्रा खून को बहुत पतला कर सकती है जिससे रक्तस्राव को जोखिम रहता है। इससे त्वचा पर छोटे लाल या बैंगनी धब्बे हो सकते हैं। सुनने की क्षमता में भी कमी होने का जोखिम रहता है।
एस्पिरिन दवा के कारण लिम्फ नोड्स में सूजन के साथ किडनी और लिवर इंजरी का भी जोखिम रहता है। लिवर और किडनी डैमेज होने से जान भी जा सकती है।
एस्पिरिन के ओवरडोज से खून खतरनाक तरीके से एसिडिक हो सकता है, जिससे शरीर के सामान्य कामकाज में रुकावट आ सकती है। इससे फेफड़ों में फ्लूइड जमा हो सकता है, जिससे सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। यह शरीर का तापमान बढ़ा सकता है और दिल, किडनी और दूसरे अंगों को फेल कर सकता है।
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स्रोत
As Signs of Aging Emerge, Trump Responds With Defiance
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