कैंसर वैश्विक स्तर पर होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में हर साल कैंसर से लगभग 1 करोड़ लोगों की मौत हो जाती है, जो वैश्विक स्तर पर होने वाली हर छह मौतों में से लगभग एक है। मोटे तौर पर लगभग हर नौ में से एक पुरुष और हर 13 में से एक महिला की मौत कैंसर से होती है। ये आंकड़े बताते हैं कि कैंसर कितनी गंभीर समस्या है।
सावधान: अनजाने में कैंसर को बुलावा तो नहीं दे रहे हैं आप? ये छोटी-छोटी गलतियां बढ़ा सकती हैं खतरा
Cancer Risk Factors: कैंसर का जोखिम सिर्फ आनुवंशिक कारणों से नहीं बढ़ता। तंबाकू-शराब, अधिक वजन, शारीरिक गतिविधि की कमी और वायु प्रदूषण जैसे कारक जोखिम बढ़ा सकते हैं। क्या आप कैंसर के खतरे को लेकर सावधान हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,अक्सर हम सभी धूम्रपान को कैंसर से जोड़कर देखते हैं, लेकिन खतरा सिर्फ सिगरेट तक सीमित नहीं है। तंबाकू के अलावा शराब, शरीर का बढ़ता वजन, शारीरिक गतिविधियों में कमी भी शरीर में ऐसे बदलाव करती हैं जिससे कैंसर के जोखिम बढ़ सकता है।
तंबाकू और शराब को हल्के में लेना
सिगरेट-बीड़ी और दूसरे तंबाकू उत्पाद कैंसर के सबसे महत्वपूर्ण लेकिन रोकथाम योग्य जोखिम कारकों में से एक हैं। तंबाकू के धुआं के साथ शरीर में कई ऐसे रसायन पहुंचाते रहते हैं जो कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे समय के साथ फेफड़े, मुंह, गले के साथ पेट और अग्न्याशय के कैंसर का खतरा हो सकता है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शराब भी कई प्रकार के कैंसर को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसकी कोई सुरक्षित मात्रा नहीं है। थोड़ी मात्रा में भी शराब हानिकारक हो सकती है।
शारीरिक रूप से निष्क्रिय है खतरनाक
घंटों कुर्सी पर बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि कम करना भी मोटापा और शरीर में कई और ऐसे बदलाव कर सकते हैं जिससे आपमें कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
- विशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों का वजन अधिक होता है या मोटापे का शिकार हैं उनमें भोजन की नली, बड़ी आंत, स्तन, गर्भाशय की अंदरूनी परत और किडनी समेत कई कैंसर का जोखिम हो सकता है। इन जोखिमों को कम करने के लिए शारीरिक गतिविधि और वजन को कंट्रोल में बनाए रखना जरूरी है।
कैंसर से बचाव के लिए और क्या करें?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अगर आपके आहार में प्रोसेस्ड और हाई कैलोरी वाली चीजें ज्यादा हैं तो इसका असर शरीर के वजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। हाई प्रोसेस्ड और फ्रोजन मीट और अन्य खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से भी कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
- इसके अलावा प्रदूषण भी कैंसर का बड़ा जोखिम कारक है। बाहरी और घर के अंदर का वायु प्रदूषण फेफड़ों के कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाला पाया गया है।
- एचपीवी और हेपेटाइटिस बी जैसे संक्रमण भी कैंसर का कारण बन सकते हैं, अच्छी बात ये ही कि इनसे बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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