Covid Vaccine & Heart Attack: हृदय रोग और हार्ट अटैक के बढ़ते मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में हार्ट अटैक सहित हृदय संबंधी रोगों (सीवीडी) के कारण दुनियाभर में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। अकेले इसी साल 20.5 मिलियन (दो करोड़) से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि कोरोना महामारी के बाद से हृदय रोग के मामलों और हार्ट अटैक की दर काफी बढ़ गई है।
Vaccine & Heart Attack: 'कोविड वैक्सीन ने हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाया नहीं बल्कि कम किया है', डॉक्टर का दावा
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अचानक हो रहीं मौतों की देश की विभिन्न एजेंसियों ने जांच की है और जांच में पाया गया है कि इनका कोरोना वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं हैं।
- अब दिल्ली स्थित एक अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मोहित गुप्ता ने कहा है कि कोविड वैक्सीन न सिर्फ हानिरहित है बल्कि सुरक्षात्मक भूमिका भी निभाती है।
क्या कहते हैं हृदय रोग विशेषज्ञ?
#WATCH | Delhi: Dr Mohit Gupta, Professor of Cardiology, GB Pant Hospital says, "In our own study on 1,600 patients with heart attacks who had received the COVID vaccine and those who had not received it. We found that those who have received the COVID vaccine not only have lower… pic.twitter.com/IFSKInb5dq
इसी क्रम में दिल्ली स्थित जीबी पंत अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मोहित गुप्ता ने कहा, कोविड वैक्सीन न सिर्फ हानिरहित है बल्कि सुरक्षात्मक भूमिका भी निभाती है।
डॉ. गुप्ता कहते हैं, हमने कोविड वैक्सीन लगवाने वाले और न लगवाने वाले 1,600 हार्ट अटैक के मरीजों पर अध्ययन किया। हमने पाया कि जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन लगवाई है, उनमें न केवल हार्ट अटैक बल्कि सभी कारणों से अचानक मृत्यु की आशंका कम थी।
इतना ही नहीं 30 दिनों से लेकर 6 महीने तक वैक्सीन लगवाने वाले लोगों पर नजर रखी गई, जिसमें पाया गया कि हृदय संबंधित समस्याओं के कारण ऐसे लोगों में मृत्यु का खतरा कम देखा गया।
'वैक्सीनेशन ने कम किया मौत का खतरा'
डॉ. मोहित गुप्ता कहते हैं, कोविड-19 वैक्सीन हानिरहित है और कई समस्याओं में सुरक्षात्मक भूमिका भी निभाती है। यह अध्ययन केवल हमारा नहीं है, आईसीएमआर ने भी इसकी पुष्टि की है। हमारे अध्ययन में, हमने कोविड की दोनों वैक्सीन (कोवैक्सिन और कोविशील्ड) के लिए समान परिणाम देखे हैं।
कई देशों में भी लाखों लोगों पर किए गए अध्ययनों से भी पता चलता है कि कोविड-19 वैक्सीन के कारण हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर नहीं हुआ है। हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के लिए कई अन्य प्रकार के कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
वैक्सीन निर्माता कंपनी एस्ट्राजेनेका ने क्या कहा था?
डॉक्टर ने तो हार्ट वैक्सीनेशन और हार्ट अटैक के बीच संबंधों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।
हालांकि जून 2024 में वैक्सीन निर्माता कंपनी एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया था कि वैक्सीनेशन के कारण दुर्लभ मामलों में रक्त के थक्के बनने और हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। इसके बाद से टीकों की प्रभाविकता को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे थे।
अध्ययन की रिपोर्ट
पीर रिव्यू्ड जर्नल बीएमजे पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित शोध में अध्ययनकर्ताओं ने बताया था कि कोविड-19 टीकों के कारण महामारी के बाद से मौतों में वृद्धि हुई है। 47 पश्चिमी देशों में मृत्यु के आंकड़ों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर व्यापक उपायों के बावजूद साल 2020 से वैश्विक स्तर पर मृत्यु दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
न्यूयॉर्क पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, नीदरलैंड की व्रीजे यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया कि चिकित्सा पेशेवरों और नागरिकों दोनों में टीकाकरण के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और अतिरिक्त मौत के मामले देखे गए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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