हाल ही में केंद्र सरकार ने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक के बीच के अंतराल को बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने की एडवाइजरी जारी की थी, जबकि पहले यह अंतराल 6-8 हफ्ते का था। दरअसल, भारत में टीकाकरण को लेकर बनाए गए सरकारी पैनल ने यह सुझाव दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया। कहा गया कि ब्रिटेन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह पर ऐसा किया गया, लेकिन अब ब्रिटेन ने खुद इस अंतर को कम कर दिया है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है कि ब्रिटेन में अब लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक 12 हफ्ते के बजाय आठ हफ्तों में दी जाएगी।
कोरोना: जब ब्रिटेन ने घटाया तो भारत ने क्यों बढ़ाया वैक्सीन की खुराकों के बीच अंतराल? जानिए सबकुछ
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि 50 साल से ऊपर और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक जल्द से जल्द दी जाएगी। दरअसल, कहा जा रहा है कि ब्रिटेन में वैक्सीन की दोनों खुराक के बीच अंतर भारत में पहली बार खोजे गए B.1.617 वैरिएंट का हवाला देते हुए घटाया गया है।
Today the government said COVID vaccine second dose appointments will be brought forward from 12 to 8 weeks.
People should continue to attend appointments and don't need to contact the NHS. Those who should move their appointment forward will be told when they are able to do so.
बोरिस जॉनसन का कहना है कि B.1.617 वैरिएंट 50 फीसदी अधिक संक्रामक है और इससे अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। ये वैरिएंट ब्रिटेन में प्रमुख वैरिएंट बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में मिले कोरोना वैरिएंट के कारण ब्रिटेन में लॉकडाउन में ढील देने की योजना में रुकावट आ सकती है।
दरअसल, ब्रिटेन सरकार ने इस साल जनवरी में वैक्सीन की दूसरी खुराक के लिए 21 दिन का समय निर्धारित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 12 हफ्ते किया गया था। इंग्लैंड के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रोफेसर क्रिस व्हिट्टी ने तब कहा था कि इस अंतर को बढ़ाने से कई और लोगों को और अधिक तेजी से टीका लगाया जा सकेगा।
भारत सरकार ने कहा है कि दोनों खुराक के बीच अंतर बढ़ाने की सिफारिश करने वाले वैक्सीन विशेषज्ञ समूह का आकलन यह है कि टीके की एक खुराक भी बीमारी की रोकथाम में 60-85 फीसदी प्रभावी है और संक्रामकता को रोकती है।