कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए बहुत सारे विशेषज्ञ इसकी जांच पर जोर देने की बात कह चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच करना प्राथमिकता होनी चाहिए। कोरोना जांच के लिए सबसे ज्यादा आरटी-पीसीआर टेस्ट का इस्तेमाल होता आ रहा है। इसमें ज्यादा समय लगता है। हालांकि कम समय में जांच रिपोर्ट देने के कई तरीके सामने आ चुके हैं। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने महज 20 मिनट में कोरोना की जांच करने का तरीका इजाद किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ब्लड टेस्ट के जरिए कोरोना की जांच की जा सकेगी।
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Coronavirus Test: कोरोना की जांच महज 20 मिनट में, इस 'ब्लड टेस्ट' से कम होगी संक्रमण की रफ्तार
Wed, 22 Jul 2020 09:03 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Wed, 22 Jul 2020 09:03 AM IST
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Coronavirus Test
- फोटो : PIB/Pixabay
Blood Test
- फोटो : ANI
- दरअसल, ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने एक ऐसा ब्लड टेस्ट विकसित किया है, जो महज 20 मिनट के अंदर बता देगा कि संबंधित व्यक्ति को कोरोना का संक्रमण हुआ है या नहीं। मेलबर्न की मोनाश यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस खास तरह के ब्लड टेस्ट विकसित किया है। उनका कहना है कि दुनियाभर में तेज रफ्तार से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को रोकने में जांच का यह तरीका बहुत मददगार होगा।
blood test
- फोटो : Pixabay
कैसे होगी जांच?
- शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना की जांच के लिए व्यक्ति के ब्लड सैंपल में से मात्र 25 माइक्रोलीटर प्लाज्मा लिया जाएगा। अगर व्यक्ति को कोरोना संक्रमण हुआ तो इस सैंपल में लाल रक्त कोशिकाएं गुच्छों में दिखाई देने लगेगी। इसे सामान्यत: आंखों से ही देखा जा सकता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि कोरोना पॉजिटिव या निगेटिव रिपोर्ट देने में महज 20 मिनट लगेंगे।
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blood test
- फोटो : Pixabay
- मालूम हो कि वर्तमान में कोरोना की जांच स्वैब या पीसीआर टेस्ट के जरिए की जा रही है, जिसमें समय लग रहा है। शोधकर्ताओं का दावा है कि इस नए ब्लड टेस्ट के माध्यम से एक घंटे में 200 ब्लड सैंपल की जांच की जा सकेगी। कई अस्पतालों में, जहां हाई डायग्नोस्टिक मशीन उपलब्ध रहती हैं, इनके जरिए एक घंटे में 700 ब्लड सैंपल की जांच की जा सकती है। यानी दिन के हिसाब से देखा जाए तो 24 घंटे में 16,800 जांच की जा सकेगी।
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blood test
- शोधकर्ताओं का कहना है कि जांच का यह तरीका खासकर उन देशों के लिए ज्यादा मददगार होगी, जो कोरोना संक्रमण से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। ज्यादा से ज्यादा जांच होने पर जल्द से जल्द कोरोना के मामले सामने आ सकेंगे और जल्द से जल्द मरीज का इलाज शुरू किया जा सकेगा।