डॉ सिद्धार्थ गुप्ता
एंटी कोरोना टास्क फोर्स, नोएडा
पूरे देश में हर तरफ कोरोना वायरस की दूसरी लहर जमकर तबाही मचा रही है। आए दिन कोरोना वायरस बढ़ी ही तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। ये वायरस कितना खतरनाक है, इसका आंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या पिछले 24 घंटे में तीन लाख से ज्यादा है। वहीं, मौसम में बदलाव भी हो रहा है। ऐसे में किसी को अगर हल्का बुखार या फ्लू हो रहा है, तो उसे भी कोरोना का डर सता रहा है। तो चलिए आपको इन तीनों के बीच के अंतर को बताते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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क्या है इन तीनों में अंतर
- दरअसल, जिन लोगों को फ्लू या फिर सर्दी-जुकाम की समस्या होती है। उनमें इन बीमारी के लक्षण आमतौर पर एक से चार दिन के अंदर दिखने लगते हैं। वहीं, दूसरी तरफ कोरोना के लक्षणों को सामने आने में इससे ज्यादा समय यानी लगभग एक से 14 दिन का समय लगता है।
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सांकेतिक तस्वीर
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यही नहीं, इसके अलावा फ्लू के लक्षण मरीज में अचानक दिखने लगते हैं। लेकिन जो मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित होता है या उसे कोल्ड यानी सर्दी-जुकाम होता है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों में लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं।
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अगर आपको खांसी है, बुखार है, सांस लेने में दिक्कत है और इसके साथ ही अगर आपके सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता भी चली जाती है, तो ये कोरोना वायरस का सबसे आम लक्षण माना जाता है।
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जबकि दूसरी तरफ फ्लू और सर्दी-जुकाम में ऐसा नहीं होता। इसमें नाक बंद जरूर होती है, जिससे सूंघने में दिक्कत होती है, लेकिन आपकी सूंघने की क्षमता पूरी तरह से खत्म नहीं होती।