फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बड़ी खबर: अब कोरोना रोगियों में कम होगा मौत का खतरा, इस दवा के क्लीनिकल ट्रायल को मिली मंजूरी

Sat, 12 Jun 2021 04:56 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sat, 12 Jun 2021 04:56 PM IST
विज्ञापन
colchicine mechanism of action,nod for clinical trial on Covid-19 patients
कोरोना में इस महत्वपूर्ण दवा का होगा ट्रायल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

कोरोना वायरस में म्यूटेशन के कारण दूसरी लहर के दौरान रोगियों में तमाम तरह की समस्याएं देखने को मिलीं। संक्रमण की दूसरी लहर में वायरस शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते संक्रमितों में कई प्रकार के परिवर्तित लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जो लोग कोरोना संक्रमण से ठीक होकर लौट रहे हैं उनमें लॉन्ग कोविड का भी खतरा बना रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को पहले से ही कोमोरबिडिटी की शिकायत रह चुकी हो, ऐसे लोगों में गंभीर संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना के दौरान हृदय रोगों से पीड़ित रोगियों में गंभीर समस्याएं देखने को मिलीं, इतना ही नहीं कई लोगों को आपनी जान तक गंवानी पड़ गई।


कोरोना में हृदय रोगियों के लिए गंभीर खतरे को देखते हुए शनिवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने एक ऐसे दवा के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दी है, जिसका उपयोग हृदय संबंधी जटिलताओं को कम करने में बेहद फायदेमंद हो सकता है। आइए इस दवा के बारे में विस्तार से जानते हैं।

colchicine mechanism of action,nod for clinical trial on Covid-19 patients
कोविड-19 और हृदय संबंधी समस्याएं - फोटो : iStock

कोलकाइसिन दवा का होगा ट्रायल
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शनिवार को डीसीजीआई ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और लक्षाई लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड को कोलकाइसिन नामक दवा के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है। सीएसआईआर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि डीसीजीआई ने कोलकाइसिन दवा के टू आर्म फेज-2 ट्रायल के लिए मंजूरी दी है जिससे रोगियों में इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता का आकलन किया जा सके।

colchicine mechanism of action,nod for clinical trial on Covid-19 patients
हृदय रोगियों में कोरोना की गंभीर जटिलताओं का खतरा - फोटो : Social media

कोविड-19 और हृदय संबंधी जटिलताएं
सीएसआईआर महानिदेशक के सलाहकार राम विश्वकर्मा ने बताया- कई अध्ययनों में पाया गया है कि कोविड -19 रोगियों में संक्रमण के दौरान हृदय संबंधी जटिलताएं विकसित हो जाती हैं। इसके कारण रोगियों की मौत के मामले भी सामने आए हैं। ऐसी स्थिति में किसी प्रभावी दवा की खोज की जा रही है। इसी क्रम में माना जा रहा है कि कोलकाइसिन दवा काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। अब तक के अध्ययनों में पाया गया है कि इस दवा से प्रो-इंफ्लेमेटरी साइटोकिन्स को कम करने में भी मदद मिल सकती है जो तेज रिकवरी में सहायक हो सकता है। इस क्लीनिकल ट्रायल को 8-10 सप्ताह में पूरा हो जाने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन
colchicine mechanism of action,nod for clinical trial on Covid-19 patients
कोलकाइसिन दवा कई तरह से हो सकती है फायदेमंद - फोटो : Pixabay

भारत में होता है इस दवा का उत्पादन
सहयोगी संस्थान आईआईसीटी के निदेशक एस चंद्रशेखर ने बताया कि अगर इस दवा को मंजूरी मिल जाती है तो इसे पूरे देश में सस्ती कीमत पर आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है। भारत इसके सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। एक प्रमुख मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययनों से पता चलता है कि कोलकाइसिन दवा कार्डियक सर्जरी के बाद कई तरह की गंभीर स्थितियों से बचाने में भी सहायक हो सकता है।

विज्ञापन
colchicine mechanism of action,nod for clinical trial on Covid-19 patients
कई अन्य समस्याओं में किया जाता रहा है इसका इस्तेमाल - फोटो : Pixabay

कोलकाइसिन का उपयोग
कोलकाइसिन दवा को अब तक गाउट और फैमिलियल मेडिटेरेनियन फीवर के उपचार में प्रयोग में लाया जाता रहा है। फैमिलियल मेडिटेरेनियन फीवर जोड़ों, फेफड़ों या पेट में सूजन और दर्द पैदा कर सकता है। वहीं जब यूरिक एसिड शरीर में विशेषकर जोड़ों में क्रिस्टल बनाने लगता है तो इस स्थिति को गाउट कहा जाता है। यह दवा मुख्य रूप से गठिया रोधी दवाओं के समूह से संबंधित है।

-------
नोट: यह लेख मीडिया रिपोर्ट के के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed