बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर रहना, बेहतर और स्वस्थ समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों की मानें तो बच्चों के पोषण, जीवनशैली और आदतों पर ध्यान रखते हुए अगर उनके स्वास्थ्य को बेहतर रखने के प्रयास कर लिए जाएं तो भविष्य में उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों में इन दिनों कई ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं का निदान किया जा रहा है जिसके लिए जीवनशैली और गड़बड़ आदतों को प्रमुख कारण माना जाता है। इसमें से कुछ आदतों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम भी हो सकते हैं, इस बारे में माता-पिता को विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।
आज का हेल्थ टिप्स: बच्चों को इन चीजों से रखिए दूर, सेहत पर होता है गंभीर नकारात्मक असर
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जंक फूड्स हैं नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ, बच्चों में जंक फूड्स के सेवन की बढ़ती आदत को सेहत के लिहाज से बहुत नुकसानदायक मानते हैं। शोध बताते हैं कि नियमित जंक फूड के सेवन से दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं जैसे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का जोखिम काफी बढ़ जाता है। इन स्थितियों में कई क्रोनिक बीमारियों का भी गंभीर जोखिम होता है। जंक फूड्स का अधिक सेवन, कैलोरी का मात्रा को बढ़ा देता है जिससे स्वास्थ्य को कई तरह के नुकसान होने का खतरा रहता है।
मोबाइल फोन्स पर न बिताएं बच्चे अधिक समय
कोरोना के इस दौर में बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन मोड पर ज्यादा निर्भर हो गई है, जिसके चलते स्वाभाविक रूप से बच्चों में मोबाइल फोन्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे काफी गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का कारक मानते हैं।
अध्ययन से पता चलता है कि मोबाइल फोन या किसी भी स्क्रीन पर बच्चों का बीतने वाला अधिक समय उनके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से हानिकारक हो सकता है। विशेष रूप से इसके कारण बच्चों के आईक्यू लेवल में कमी और मानसिक विकास, नींद की कमी, ब्रेन ट्यूमर और मानसिक रोगों का जोखिम अधिक देखा गया है।
बच्चों में देर से सोने की आदत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कई बच्चों में देर से सोने या नींद पूरी न कर पाने जैसी समस्याएं देखा जा रही हैं। रात में नींद पूरी न होने की आदत बच्चों की सेहत को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। इसकी वजह से बच्चों में गुस्सा और अति सक्रियता काफी बढ़ती जा रही है। नींद पूरी न होने से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी कई तरह से नकारात्मक असर हो सकता है।
सोडा और चॉकलेट का अधिक सेवन हानिकारक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को सोडा और चॉकलेट जैसी चीजों से दूर रखना चाहिए, इनका अधिक या निरंतर सेवन करने की आदत दांतों के साथ दीर्घकालिक रूप से सेहत को कई तरह के नुकसान पहुंचा सकती है। सोडा या मीठे पेय और चॉकलेट दांतों में सड़न को बढ़ा देते हैं। इसके अलावा इनमें ऐडेड शुगर की मात्रा अधिक होती है, जिसका लगातार सेवन करते रहना मधुमेह के खतरे को बढ़ा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।