कोरोना के नए वैरिएंट्स से सुरक्षा और संक्रमण के संभावित खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को सुरक्षा के पर्याप्त उपाय करने की सलाह देते हैं। पिछले डेढ़ साल में हम सभी अच्छी तरह से जान गए हैं कि संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के संपर्क में आने से कोरोना का संक्रमण अन्य लोगों में हो सकता है, पर क्या संक्रमण के अन्य माध्यम भी हो सकते हैं? जैसे आंसू के माध्यम से संक्रमण? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि कुछ अध्ययनों में यह भी दावा किया जा रहा है कि संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल के माध्यम से भी कोरोना का संक्रमण हो सकता है।
जानना जरूरी: क्या आंसू के माध्यम से भी फैल सकता है कोरोना? अध्ययन में सामने यह यह बड़ी जानकारी
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आंसू के माध्यम से संक्रमण का खतरा
इस बारे में हुए हाल के दो अध्ययनों में आंसू को कोविड संक्रमण का वाहक बताया गया है। इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में बताया गया है कि कोरोना के वायरस आंखों में भी मौजूद हो सकते हैं, जो आंसू के माध्यम से अन्य लोगों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं। वैज्ञानिकों ने इस आधार पर लोगों को सुझाव दिया है कि सैलून और ब्यूटीशियन जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को संक्रमण का जोखिम अधिक हो सकता है, ऐसे लोगों को विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है।
आंसू से कैसे फैलता है संक्रमण?
अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने इस संभावना को जानने के लिए कोरोना संक्रमित रह चुके लोगों के सैंपल डेटाबेस का अध्ययन किया, इसमें से लगभग 17.5 फीसदी लोगों में आंसू के माध्यम से संक्रमण के मामलों की पुष्टि की गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि आंख के सफेद हिस्से औऱ पलक के अंदर की हिस्सों को को कवर करने वाले ऊतक कई तरह के वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि सामान्यतौर पर इन हिस्सों का खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के सीधे संपर्क में आने का खतरा रहता है। इसके अलावा ज्यादातर लोगों को अपनी आंखों को रगड़ने और छूने की आदत होती है, इसके माध्यम से भी आंखों में संक्रमण पहुंच सकता है।
किसी भी सतह को अनावश्यक रूप से छूने से बचें
अध्ययनकर्ताओं का कहना है, आंखों के माध्यम से कोरोनावायरस के प्रसार का खतरा उसी तरह से होता है जैसे छींकने और खांसने से। किसी संक्रमित व्यक्ति के आंसुओं को छूने या जिस सतह पर आंसू की बूंद गिरी हो उसे छूने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं, यदि संक्रमित व्यक्ति के आंखों के रंग या स्थिति में कोई बदलाव नहीं है, तो भी वह स्वस्थ व्यक्ति में वायरस फैला सकता है।
कैसे कर सकते हैं बचाव
वैज्ञानिक कहते हैं कि वैसे तो आंसू के माध्यम से कोरोनावायरस फैलने का खतरा होता है, पर इसकी संभावना काफी कम होती है। हालांकि जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षा के उपायों को प्रयोग में लाते रहना सभी के लिए बेहद आवश्यक है। किसी भी सतह को छूने के बाद और अपने चेहरे को छूने से पहले कम से कम 30 सेकंड तक अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से धोएं। बीमार लोगों के निकट संपर्क में आने से बचें।
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नोट: यह लेख तमाम मीडिया रिपोर्टस और रिव्यू के लिए गए अध्ययनों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।