हमारे शरीर का मैकेनिज्म ऐसा है कि ये खुद से ही अपनी रक्षा कर सकता है। ये तंत्र लगातार काम करता रहता है, इस तरह से, कि कई बार आपको पता भी नहीं चलता और शरीर कई समस्याओं से मुकाबला करके आपको बड़ी दिक्कतों से बचा लेता है। खून के थक्के बनना (ब्लड क्लॉटिंग) भी ऐसी ही एक स्थिति है जो शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Blood Clotting: शरीर में खून के थक्के क्यों बनने लगते हैं? ब्लड क्लॉटिंग से क्या दिक्कतें होती हैं, यहां जानिए
शरीर में खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को थ्रॉम्बोसिस कहा जाता है। यह एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है जो चोट लगने पर अत्यधिक खून बहने से बचाती है। लेकिन जब बिना चोट के या गलत जगह पर खून के थक्के बनने लगते हैं, तो यह गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
रक्तस्राव की स्थिति में फायदेमंद है ब्लड क्लॉटिंग
रक्तस्राव की स्थिति में आपका लिवर तुरंत एक्टिव हो जाता है और आपके खून में मौजूद प्लेटलेट्स को चिपकाकर रक्त के थक्के बनाता है और रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है।
हालांकि कुछ स्थितियों में शरीर में बिना चोट के भी थक्के बनने लगते हैं जिसके कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। रक्त के थक्के जमने की इस तरह की समस्या खतरनाक हो सकती है, खासकर तब जब इसका समय पर इलाज न मिले।
धमनियों में रक्त के थक्के बनने से हृदय तक रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है जिससे हार्ट अटैक-स्ट्रोक हो सकता है।
ब्लड क्लॉटिंग के कारण होने वाली दिक्कतें
नसों में रक्त के थक्के बनने पर ये रक्तप्रवाह के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों में भी जा सकते हैं।
- डीप वेन थ्रोम्बोसिस- आपके पैर, हाथ, लिवर, आंतों या किडनी की नसों में रक्त का थक्का बनने की समस्या है।
- पल्मोनरी एम्बोलस- आपके फेफड़ों में रक्त का थक्का बनने की समस्या है।
- धमनियों में रक्त के थक्के बनने की स्थिति स्ट्रोक, दिल का दौरा, पैरों में गंभीर दर्द, चलने में कठिनाई जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।
खून के थक्के क्यों बनते हैं?
लंबे समय तक बैठने या लेटे रहने (शारीरिक रूप से निष्क्रिय लोग) से खून का बहाव धीमा हो जाता है, इसके कारण भी खून के थक्के बनने की समस्या हो सकती है। गर्भनिरोधक गोलियां और हार्मोन थेरेपी शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर थक्के बनने की आशंका बढ़ा देती हैं। अनावश्यक रूप से अगर शरीर में खून के थक्के बनने लगें तो इसका समय पर निदान और इलाज जरूरी हो जाता है।
- कुछ लोगों को आनुवंशिक (माता-पिता से विरासत में मिली) रूप से ये समस्या हो सकती है।
- आमतौर पर सर्जरी, चोट, दवाओं या किसी ऐसी चिकित्सा स्थितियों के कारण भी आपको ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है।
खून के थक्कों से बचाव और इलाज
ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से बचे रहने के लिए नियमित व्यायाम करें, लंबे समय तक बैठे न रहें। पर्याप्त पानी पिएं ताकि खून गाढ़ा न होने पाए। धूम्रपान न करना, शरीर के वजन को कंट्रोल में रखना और आनुवांशिक रूप से अपने जोखिमों को समझते हुए बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है।
जिन लोगों को ब्लड क्लॉटिंग की दिक्कत है उन्हें इसका इलाज जरूर कराना चाहिए। कुछ प्रकार की दवाएं रक्त में थक्का बनने की समस्या को रोकने में मदद करती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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