दुनियाभर में वर्षों से तमाम तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन किया जाता रहा है। अश्वगंधा ऐसी ही एक औषधि है जिसे सेहत के लिए विशेष लाभकारी माना जाता रहा है। अश्वगंधा के सेवन को लेकर आयुर्वेद में विशेष जिक्र मिलता है, इसे एडाप्टोजेन के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह तनाव को प्रतिबंधित करने के लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकती है। इसके अलावा अश्वगंधा शरीर और मस्तिष्क के लिए भी कई अन्य प्रकार से लाभदायक मानी जाती है। यह मस्तिष्क के कार्यों को बढ़ावा देने के साथ, ब्लड शुगर और कोर्टिसोल के स्तर को नियंत्रित रखने में भी फायदेमंद हो सकती है।
आज का हेल्थ टिप्स: कोरोना काल में इस औषधि का सेवन है विशेष लाभकारी, इम्युनिटी बढ़ाने और डायबिटीज में भी फायदेमंद
डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद
कई अध्ययनों में पाया गया है कि अश्वगंधा, रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में प्रभावी हो सकती है। एक टेस्ट-ट्यूब अध्ययन में पाया गया कि इससे इंसुलिन स्राव में वृद्धि होती है और मांसपेशियों की कोशिकाओं में इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है। इसके अलावा मानव अध्ययनों में पाया गया है कि यह स्वस्थ और मधुमेह पीड़ित दोनों में, रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में सहायक औषधि हो सकती है।
तनाव और चिंता को कम करने में लाभदायक
अश्वगंधा को तनाव-चिंता को कम करने के लिए वर्षों से प्रयोग में लाया जाता रहा है। मानव अध्ययनों से पता चला है कि यह तनाव और चिंता विकार वाले लोगों में लक्षणों को कम करने में मददगार औषधि हो सकती है। 6-सप्ताह तक किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि अश्वगंधा लेने वाले 88 फीसदी लोगों को चिंता की समस्या कम महसूस हई। मानसिक शांति को बढ़ावा देने में भी इसे लाभदायक पाया गया है।
इम्युनिटी को बढ़ावा देने में सहायक
अश्वगंधा को शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विशेषज्ञ सबसे कारगर औषधियों में से एक मानते हैं। यह जैविक रूप से सक्रिय पदार्थों, अमीनो एसिड, पेप्टाइड्स, लिपिड और न्यूक्लिक एसिड से समृद्ध होती है, जो शरीर की इम्युनिटी को बढ़ावा देने में सहायक है। यह रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के साथ तनाव हार्मोन को कम करने में भी मदद करने वाली औषधि है।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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