देश में कोरोना के मामले अब काफी हद तक कम हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में संक्रमण के 60 हजार 471 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि इस दौरान 2,726 लोगों की मौत हुई है। हालांकि इस बीच जानकारों का मानना है कि देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने की संभावना है और इससे निपटने के लिए कई राज्यों ने पहले ही अपनी कमर भी कस ली है। वैसे कहा तो यह भी जा रहा है कि तीसरी लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होंगे। दूसरी लहर में भी पहली लहर की अपेक्षा काफी संख्या में बच्चे संक्रमित हुए। ऐसे में सरकार ने बच्चों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है और साथ ही आयुष मंत्रालय ने बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए गाइडलाइन भी जारी की है। आइए जानते हैं कि बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए आयुष मंत्रालय ने कौन से उपाय बताए हैं...
Coronavirus: बच्चों को कोरोना से कैसे बचाएं? आयुष मंत्रालय ने बताए पांच नियम
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मास्क है जरूरी
- आयुष मंत्रालय के मुताबिक, बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए जो सबसे जरूर उपाय है, वो है मास्क का इस्तेमाल। बच्चों के शरीर में वायरस को जाने से रोकने के लिए यह जरूरी है कि उन्हें मास्क पहनाएं, खासकर तब जब वे कहीं बाहर जा रहे हैं। चूंकि ज्यादा छोटे बच्चों को तो मास्क पहना नहीं सकते, लेकिन पांच से 18 साल तक के बच्चों के लिए मास्क अनिवार्य है। दो से पांच साल तक के बच्चों को भी मास्क पहना सकते हैं, लेकिन इस दौरान अभिभावकों को उनपर नजर रखनी होगी।
बच्चों को बाहर न जाने दें
- बच्चों को कोरोना का संक्रमण न हो, इसके लिए तो जरूरी है कि उन्हें घर से कहीं बाहर निकलने ही न दें। अभिभावकों के लिए यह आवश्यक है कि बच्चों के साथ कहीं भी यात्रा करने से बचें। चूंकि घर में अधिक बैठे रहने से मानसिक तौर पर भी दिक्कतें आती हैं, लेकिन इसका सबसे अच्छा उपाय है कि उनको घर-परिवार और उनके दोस्तों से वीडियो कॉल के जरिये संपर्क में रखें, ताकि उनका मन लगा रहे।
हाथ धोने की आदत डलवाएं
- वायरस और बैक्टीरिया जनित किसी भी बीमारी से बचने का सबसे अच्छा उपाय है हाथों को अच्छे से साबुन-पानी से धोना। बच्चों को भी यह आदत डलवाएं। इससे संक्रमण से बचने में मदद मिलेगी। हालांकि कई बच्चे ऐसे भी होते हैं, जो बार-बार हाथ धोने से कतराते हैं, इसके लिए राजी नहीं होते हैं, तो इसके लिए उन्हें उनकी कोई पसंदीदा चीज देने का वादा करें, जिससे वो हाथ धोने की आदत डाल लें।
बच्चों के लिए जरूरी हैं ये पांच नियम
- बच्चों को पीने के लिए हल्का गुनगुना पानी दें
- दो साल से अधिक उम्र के बच्चे को सुबह और रात को ब्रश करवाएं
- अधिक छोटे बच्चे हैं तो नियमित रूप से तेल से उनकी मालिश करें, उनके नाक में तेल डालें
- पांच साल से अधिक उम्र के बच्चे को गुनगुने पानी से गरारा कराएं
- पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार योग कराएं
स्रोत और संदर्भ:
Home care guidelines for children and Advisory for AYUSH Practitioners about prophylactic care in Children during the COVID-19 Pandemic
https://main.ayush.gov.in/event/home-care-guidelines-children-and-advisory-ayush-practitioners-about-prophylactic-care
अस्वीकरण नोट: यह लेख आयुष मंत्रालय द्वारा बच्चों के लिए जारी की गई गाइडलाइन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।