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वेंटिलेटर से हटाकर ECMO मशीन पर क्यों रखा जाता है मरीज को? क्या है इसकी खासियत

Sat, 24 Aug 2019 01:40 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क Published by: पंखुड़ी सिंह Updated Sat, 24 Aug 2019 01:40 PM IST
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Arun Jaitley shifted on ECMO know difference between ventilation and ECMO

भाजपा के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री का कार्यभार संभालने वाले अरुण जेटली का निधन हो गया है। पिछले एक सप्ताह से एम्स में भर्ती पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत बेहद नाजुक थी। उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें वेंटिलेटर से हटाकर ईसीएमओ यानी एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सिजनेशन (Extracorporeal membrane oxygenation) पर रखा गया था। बता दें, ईसीएमओ पर मरीज को तभी रखते हैं जब दिल, फेफड़े ठीक से काम नहीं करते हैं और वेंटीलेटर का भी फायदा नहीं होता। इससे मरीज के शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाया जाता है। जानिए वेंटिलेटर और एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सिजनेशन में क्या अंतर है। 

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क्या है मैकेनिकल वेंटिलेशन मशीन

मैकेनिकल वेंटिलेशन एक जीवन समर्थन (लाइफ सपोर्ट) उपचार है। जब लोग खुद सांस लेने में असमर्थ होते हैं, तब ये मशीन सांस लेने में मदद करती है । किसी मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर उसे वेंटिलेटर पर रखा जाता है। ये मशीन थोड़े समय या लंबे समय तक सांस नियंत्रित कर सकती है।इस स्थिति में यांत्रिक वेंटिलेशन के साथ मरीज के मुंह (एंडोट्रैचियल ट्यूब) या गर्दन (एक ट्रेकियोस्टोमी ट्यूब) में एक ट्यूब के माध्यम से वेंटिलेटर को जोड़ा जाता है।सेप्सिस, निमोनिया और हृदय रोग सहित विभिन्न स्थितियों के लिए यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता हो सकती है।

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क्या है ईसीएमओ

एक्सट्राकॉर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सीजिनेशन (ईसीएमओ) एक एडवांस तकनीक की यांत्रिक जीवन समर्थन (लाइफ सपोर्ट) मशीन है। ये शरीर से रक्त निकालता है, उसे ओक्सिजनेट करता है, उस रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड को निकालता है, फिर शरीर में रक्त को वापस करता है, जिससे रोगी के क्षतिग्रस्त अंग या दिल की गति ठीक हो जाती है। ईसीएमओ दो प्रकार के होते हैं: वेनोएक्टोरियल, जो हृदय और फेफड़ों को सपोर्ट करती है। वेनोवेनॉस, जो केवल फेफड़ों के लिए ऑक्सीकरण सपोर्ट करती है। ईसीएमओ फेफड़ों के प्रत्यारोपण सहित सर्जरी से पहले और बाद में गंभीर हृदय और श्वसन विफलता वाले रोगियों के लिए एक रामबाण का काम करता है।

ECMO का उपयोग कब किया जाता है?
  • हार्ट फेल, फेफड़ों के काम ना करने या दिल की सर्जरी से उबरने वाले रोगियों के लिए।
  • जब डॉक्टर हृदय या फेफड़ों की सर्जरी करने से पहले अन्य अंगों जैसे कि गुर्दे या मस्तिष्क की स्थिति का आकलन करना चाहते हैं।
  • कार्डियक कैथीटेराइजेशन लैब में उच्च जोखिम प्रक्रियाओं के दौरान समर्थन (सपोर्ट) के लिए।
  • फेफड़ों के प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे रोगियों के लिए। ईसीएमओ ऊतकों (tissues) को अच्छी तरह से ऑक्सीजन युक्त रखने में मदद करता है, जो रोगी को प्रत्यारोपण के लिए बेहतर बनाता है।
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ECMO के जोखिम
  • उन जगहों पर संक्रमण जहां ट्यूब शरीर में प्रवेश करती हैं।
  • संक्रमण की समस्या, क्योंकि ईसीएमओ पर किसी व्यक्ति को रक्त दिया जाता है।
  • स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है।
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