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स्वास्थ्य टिप्स: 65+ उम्र में दिखें ये 5 वार्निंग साइन तो हो जाएं सावधान, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी!
Tue, 06 Oct 2026 08:46 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:46 AM IST
सार
5 Warning Signs After 65: अगर आप या आपके घर में किसी की उम्र 65 के पार है, तो कुछ स्वास्थ्य संकेतों पर नजर रखना शुरू करें।
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65+ उम्र में दिखें ये 5 वार्निंग साइन तो हो जाएं सावधान
- फोटो : AI
5 Warning Signs After 65: 65 साल की उम्र के बाद शरीर और सेहत में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इनमें से कुछ बदलाव उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे संकेत भी हो सकते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। खासतौर पर बढ़ती उम्र में किसी नए या अचानक नजर आने वाले बदलाव को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
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65+ उम्र में दिखें ये 5 वार्निंग साइन तो हो जाएं सावधान
- फोटो : Adobe Stock
1. अचानक सीने में दर्द या सांस फूलना
सीने में दबाव, जकड़न या दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर, मितली या अचानक कमजोरी महसूस होना गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। बुजुर्गों में हार्ट अटैक के लक्षण कभी-कभी बहुत तेज दर्द के बजाय सांस फूलने, अत्यधिक थकान या बेचैनी के रूप में भी सामने आ सकते हैं। अगर ये लक्षण अचानक शुरू हों, कुछ मिनटों तक बने रहें या बार-बार वापस आएं, तो इंतजार न करें और तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लें।
सीने में दबाव, जकड़न या दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर, मितली या अचानक कमजोरी महसूस होना गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। बुजुर्गों में हार्ट अटैक के लक्षण कभी-कभी बहुत तेज दर्द के बजाय सांस फूलने, अत्यधिक थकान या बेचैनी के रूप में भी सामने आ सकते हैं। अगर ये लक्षण अचानक शुरू हों, कुछ मिनटों तक बने रहें या बार-बार वापस आएं, तो इंतजार न करें और तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लें।
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2. चेहरे या शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी
अगर अचानक चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा दिखाई दे, एक हाथ या पैर सुन्न या कमजोर हो जाए, बोलने में परेशानी हो या सामने वाले की बात समझने में दिक्कत होने लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। अचानक देखने में परेशानी, तेज चक्कर या चलने में संतुलन बिगड़ना भी चेतावनी संकेत हो सकते हैं। स्ट्रोक में इलाज जितनी जल्दी शुरू हो, उतना बेहतर होता है, इसलिए ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत अस्पताल पहुंचें।
अगर अचानक चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा दिखाई दे, एक हाथ या पैर सुन्न या कमजोर हो जाए, बोलने में परेशानी हो या सामने वाले की बात समझने में दिक्कत होने लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। अचानक देखने में परेशानी, तेज चक्कर या चलने में संतुलन बिगड़ना भी चेतावनी संकेत हो सकते हैं। स्ट्रोक में इलाज जितनी जल्दी शुरू हो, उतना बेहतर होता है, इसलिए ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत अस्पताल पहुंचें।
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3. अचानक भ्रम, बेहोशी या व्यवहार में बड़ा बदलाव
अगर कोई बुजुर्ग व्यक्ति अचानक लोगों को पहचानने में परेशानी करने लगे, सामान्य बातचीत न कर पाए, बहुत ज्यादा उलझन में रहे या उसके व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव दिखाई दे, तो इसे केवल बढ़ती उम्र का असर न समझें। अचानक भ्रम कई कारणों से हो सकता है, जैसे संक्रमण, शरीर में पानी की कमी, ब्लड शुगर में बदलाव, दवाओं का असर या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या। बेहोशी या असामान्य रूप से बहुत ज्यादा सुस्ती आने पर भी चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
अगर कोई बुजुर्ग व्यक्ति अचानक लोगों को पहचानने में परेशानी करने लगे, सामान्य बातचीत न कर पाए, बहुत ज्यादा उलझन में रहे या उसके व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव दिखाई दे, तो इसे केवल बढ़ती उम्र का असर न समझें। अचानक भ्रम कई कारणों से हो सकता है, जैसे संक्रमण, शरीर में पानी की कमी, ब्लड शुगर में बदलाव, दवाओं का असर या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या। बेहोशी या असामान्य रूप से बहुत ज्यादा सुस्ती आने पर भी चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
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4. बिना वजह वजन तेजी से कम होना
अगर खान-पान या व्यायाम में कोई खास बदलाव किए बिना वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसके कारण की जांच कराना जरूरी है। बुजुर्गों में भूख कम लगना, दांतों या निगलने से जुड़ी समस्या, पोषण की कमी और कई अन्य स्वास्थ्य स्थितियां वजन कम होने का कारण बन सकती हैं। अगर वजन कम होने के साथ लगातार कमजोरी, भूख में कमी, थकान या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी भी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें।
अगर खान-पान या व्यायाम में कोई खास बदलाव किए बिना वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसके कारण की जांच कराना जरूरी है। बुजुर्गों में भूख कम लगना, दांतों या निगलने से जुड़ी समस्या, पोषण की कमी और कई अन्य स्वास्थ्य स्थितियां वजन कम होने का कारण बन सकती हैं। अगर वजन कम होने के साथ लगातार कमजोरी, भूख में कमी, थकान या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी भी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें।