Diwali 2020: मां लक्ष्मी को पसंद आते हैं ये 5 प्रकार के प्रसाद
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मखाना देवी लक्ष्मी को बहुत पसंद होता है क्योंकि यह कमल के फूल के बीज से बनता है इसलिए इसे फूल मखाना भी कहा जाता है। मां लक्ष्मी के भोग में यह अनिवार्य रुप से चढ़ता है। मखाने की खीर बनाकर तथा उसे घी में हल्का सेंककर भी भोग दिवाली की पूजा के समय लगाया जाता है।
नारियल का प्रसाद अधिकतर मंदिरों में चढ़ाया जाता है। दरअसल, इसे देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है इसलिए शिवजी को इसका भोग नहीं लगता लेकिन देवी कमला का संबंध विष्णु जी से है इसलिए उन्हें भी नारियल का प्रसाद चढ़ता है। दिवाली पर नारियल का प्रसाद चढ़ाने से माता लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं।
देवी लक्ष्मी को चंद्रमा की बहन भी माना जाता है। बताशे का संबंध चंद्रमा से है इसलिए माता को भी यह पसंद है। इसलिए विशेषकर बताशे एवं चीनी के खिलौने मां को प्रसाद के रुप में चढ़ते हैं। साथ ही खीर और मिठाई के रुप में अन्य सफेद प्रसाद भी मां को खुश करने के लिये चढ़ाए जाते हैं।
दिवाली की पूजा के दौरान आरती से पहले ही सभी भोग मां को चढ़ा दिये जाते हैं लेकिन पान ही एकमात्र ऐसा भोग होता है, जो सबसे आखरी में लगता है। लक्ष्मी जी को वैसे तो मीठा पानी चढ़ाया जाता है लेकिन यदि मीठा पान उपलब्ध नहीं होता है तो पान के सादे पत्ते को भी श्रीचरणों में अर्पित किया जा सकता है।