ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में जारी कॉमनवेल्थ खेलों में देश की बेटी श्रेयसी सिंह ने गोल्ड मेडल पर निशाना लगाकर कमाल कर दिया। महिलाओं की डबल ट्रैप प्रतिस्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रेयसी ने भारत को 12वां गोल्ड दिलाया।
अगली स्लाइड में जानिए बचपन से निशानेबाजों के बीच पली-बढ़ी श्रेयसी सिंह के बारे में दिलचस्प बातें..
29 अगस्त 1991 को दिल्ली में जन्मीं और पली-बढ़ी श्रेयसी मूलरूप से बिहार की रहने वाली हैं। केंद्रीय मंत्री रहे दिग्विजय सिंह और बांका की पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की बेटी श्रेयसी की स्कूलिंग दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम से हुई। दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से आर्ट्स में ग्रेजुएशन करने वाली श्रेयसी ने मानवरचना यूनिवर्सिटी से एमबीए भी किया।
गोल्डन गर्ल के दादा कुमार सुरेंद्र सिंह और पिता दिग्विजय सिंह दोनों ही नेशनल रायफल एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। बचपन से घर में पिस्टल, रायफल देखती आ रहीं श्रेयसी को असल प्रेरणा पूर्व ओलंपिक रजत पदक विजेता औऱ वर्तमान केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मिली। उनकी बातों से ही प्रभावित होकर कक्षा 10वीं से श्रेयसी ने कड़ी मेहनत शुरू की।
ग्लासगो में आयोजित पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जितने के बाद दिए एक इंटरव्यू में श्रेयसी ने अपने पॉलिटिकल करियर के बारे में भी बात की थी। केंद्रीय मंत्री के बेटी और सांसद की बेटी होने के नाते श्रेयसी के खून में ही राजनीति है। उस वक्त श्रेयसी ने साफ कहा था कि 15-20 सालों बाद अगर आप मुझे संसद में देखें तो चौंकिएगा मत।
इससे पहले भी श्रेयसी अपने उम्दा प्रदर्शन से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती रही हैं। 2014 को ग्लासगो में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों में श्रेयसी ने 92 अंक हासिल कर डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इसकी कमी उन्होंने इस बार पूरी कर दी। श्रेयसी सिंह के स्वर्ण पदक जितने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें बधाई दी है।