Learning Speed: संगठन में जेनरेशन-जेड (जेन-जी) की मौजूदगी तेजी से बढ़ रही है। यह पीढ़ी पूरी तरह डिजिटल माहौल, आर्थिक उतार-चढ़ाव और बड़े सामाजिक बदलावों के बीच पली- बढ़ी है। इसलिए उनका काम और कॅरिअर को देखने का नजरिया पुरानी पीढ़ियों से काफी अलग है।
जेन-जी के कर्मचारी व्यावहारिक सोच रखते हैं, तेजी से सीखना चाहते हैं और शुरुआत से ही बेहतर वेतन और जल्दी प्रमोशन की उम्मीद करते हैं। इसी कारण संगठनों के लिए यह जरूरी है कि वे समझें कि इस पीढ़ी के कर्मचारियों को किस तरह की कार्य-संस्कृति, अवसर और माहौल पसंद आता है, ताकि वे उनसे जुड़े रहें, प्रेरित महसूस करें और लंबे समय तक संगठन के साथ बने रहें।
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नए सिरे से समझें
जेन-जी चाहती हैं कि उनकी बात सुनी जाए और उनके मूल्यों को समझा जाए। इसलिए वे उन्हीं संगठनों में टिकती हैं, जो समाज पर सकारात्मक असर डालते हैं। संगठनों को नेतृत्व और काम करने के तरीकों में बदलाव लाना होगा। उन्हें कमांड कंट्रोल वाले मॉडल से हटकर लचीली, प्रोजेक्ट-आधारित भूमिकाएं देनी होंगी।
युवा कर्मचारियों को सीखने और समझने में मदद देने के लिए मेंटॉरशिप और गाइडेंस बढ़ानी होगी। सबसे महत्वपूर्ण, संगठन को यह दिखाना होगा कि उनका काम सिर्फ लाभ के लिए नहीं, बल्कि किसी बड़े उद्देश्य और समाज के लिए भी है।
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कॅरिअर ग्रोथ सिर्फ एक दिशा में न हो
जेन-जी को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए संगठनों को पारंपरिक कॅरिअर मॉडल में बदलाव करना होगा। उनका मानना है कि कॅरिअर ग्रोथ केवल एक दिशा में न होकर, बल्कि कई रास्तों में आगे बढ़ने का मौका दे, जैसे उन्हें प्रोजेक्ट लीडरशिप और कौशल-आधारित प्रमोशन मिले। जेन-जी यह भी चाहती हैं कि उन्हें स्पष्ट रूप से पता हो कि उनका प्रमोशन, प्रदर्शन और असाइनमेंट किस आधार पर तय किए जा रहे हैं।
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पर्यावरण के अनुकूल वाली नीतियां
जेन-जी तकनीक के साथ सहज हैं, लेकिन केवल डिजिटल इंटरैक्शन ही पर्याप्त नहीं है। वे व्यक्तिगत के लिए नहीं, बल्कि सच में पर्यावरण के अनुकूल नीतियां अपनानी चाहिए, ताकि ऑफिस और काम करने का तरीका इको-फ्रेंडली हो।
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सभी को समान अवसर मिले
जेन-जी चाहती है कि संगठन न केवल पर्यावरण, बल्कि समाज में भी वास्तविक प्रगति दिखाएं। वे समान अवसर और सभी को शामिल करने वाली नीतियों को महत्व देती हैं और सहयोगी, बराबरी वाले रिश्तों को पसंद करती हैं। इसलिए संगठनों को मेंटरिंग और काम करने के तरीकों में बदलाव करना चाहिए। जब संगठन उनकी अपेक्षाओं को समझकर सही कदम उठाते हैं, तो कार्यस्थल पर भरोसा बनता है और लंबे समय तक स्वस्थ और सार्थक संबंध बनते हैं।
- द कन्वर्सेशन