हिंदी सिनेमा की चंद सबसे व्यस्त अभिनेत्रियों में भूमि पेडनेकर का नाम शुमार होता है। अपनी हर फिल्म के लिए अलग गेटअप, अलग तेवर और अलग बोली अपनाने वाली भूमि की नई फिल्म सांड की आंख इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है।
फिर चाहूंगी तापसी के साथ दोबारा काम करना: भूमि पेडनेकर
कैसा रहा इस उम्र का किरदार निभाना ?
इस किरदार को निभाना बहुत ही कठिन था। जब आप असल ज़िंदगी के किरदारों को परदे पर निभा रहे होते हैं, वह बेहद कठिन होता है। इस तरह के किरदार को निभानी की ज़िम्मेदारी बेहद कठिन होती है। ये दादियां आज भी 80 साल से ऊपर की होने के बाद बावजूद सेहतमंद हैं। उनकी चाल ढाल अपनाना, उनकी भाषा बोलना और उनके तरह ही बोलना बेहद कठिन रहा।
मैं एक ऐसे परिवार में जन्मी जहां मुझे हर वक्त समान अवसर प्रदान किए गए हैं। मैने अपने करियर की शुरूआत भी विकसित मानसिकता वाले लोगों के साथ की। इसीलिए मैंने किसी कमी को महसूस नहीं किया। हां कम फीस मिलना और कई सारी अलग चीज़ें जरूर प्रचलित हैं। पर मेरे आस पास ऐसी कई महिलाएं हैं जिन्होंने कई कठिनाइयों का सामना किया है। अब सोच यही होनी चाहिए कि औरत और मर्द एक समान हैं। इन दादियों की कहानी भी इसी बात को दोहराती है।
आपने इससे पहले भी बंदूक उठाई है इंदुमती तोमर के किरदार के लिए। क्या उस किरदार ने किसी तरह इस किरदार के लिए मदद की?
नहीं नहीं बिलकुल नहीं, वह कहानी बिलकुल अलग थी, यह एक खेल की कहानी है। पिस्टल शूटिंग और राइफल चलाने में बहुत अंतर है। इस खेल में बहुत स्थिरता की जरूरत होती है।