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मोर को लेकर मचा है देश में विवादः विज्ञान बता रहा है इसका असली सच

Fri, 02 Jun 2017 11:24 AM IST
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय Updated Fri, 02 Jun 2017 11:24 AM IST
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What science says about the mating habits of the peacock?

राजस्थान हाई कोर्ट के जज महेश चंद्र शर्मा के मोर  पर दिए गए बयान पर अब देश भर में मोर पर चर्चा शुरू हो गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर चर्चा छिड़ी हुई है।

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गौरतलब है कि बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान शर्मा ने कहा था 'जो मोर है, ये आजीवन ब्रह्मचारी है। वह कभी भी मोरनी के साथ सेक्स नहीं करता। इसके जो आंसू आते हैं, मोरनी उसे चुगकर गर्भवती होती है, मोर या मोरनी को जन्म देती है।' अब हम आपको बताते हैं कि इस बात में आखिर कितनी सच्चाई है। 
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पौराणिक कथाओं में भी मोर का जिक्र मिलता है। अगर रामायण की बात करें तो इसमें भी मोर की कहानी मिलती है। जब इंद्र को अहिल्या के साथ पकड़े जाने पर उन्हें मोर बनने का श्राप मिला था तो भगवान राम ने उनके पंखों में ही हजारों आंखें बना दी थीं।
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अब अगर हम महाभारत पर आएं तो यहां भी हमें इससे जुड़ी एक कहानी मिलती है। महाभारत के अनुसार भीष्म ने अंबा का अपहरण कर लिया था, लेकिन बाद में वो अंबा से शादी करने से मुकर गए। अपने अपमान से तिलमिलाई अंबा ने आग में कूदकर जान दे दी। अपने अपमान का बदला लेने के लिए अंबा ने शिखंडी के रूप में पुनर्जन्म लिया। आपको बता दें शिखंडी का शाब्दिक अर्थ भी मोर होता है। 

इसके अलावा भगवान कृष्ण द्वारा अपने मुकुट पर मोर का पंख लगाये जाने को लेकर ये कहा जाता है कि मोर पवित्रता का प्रतीक होता है। मोर और मोरनी के बीच शारीरिक संपर्क नहीं होता। मोर के आंसू पीकर ही वह अपने बच्चों को जन्म देती है। लेकिन अगर हम इस पर वैज्ञानिक तर्क देखे तो पता चलता है कि आंखों की रक्षा के लिए पक्षियों की आंखों से आंसू निकलता है। आंखों को सूखेपन से बचाने के लिए आंख की आंतरिक झिल्ली भी हर समय चलती रहती है।

तो ये है मोर के रोने और उसके संभोग की सच्चाई..

What science says about the mating habits of the peacock?

विज्ञान के अनुसार भारतीय मोर यानी पावो क्रिस्टेटस झुंड में रहने वाला पक्षी है। दूसरे पक्षियों की तरह इसमें भी संभोग होता है। संभोग के लिए सबसे पहले मोर मोरनी को रिझाता है। इस पक्षी का संभोग काल जनवरी से सितंबर के बीच होता है। 

मोर मोरनी को रिझाने के लिए रेन डांस करता है। जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल बॉयोलॉजी में 2013 में छपे पेपर के अनुसार परड्यू यूनिवर्सिटी की जेसिका योरजिंसकी ने इसप क्षी पर अध्ययन के दौरान पाया कि मोरनी की नजर शायद ही मोर के सिर या उससे ऊपर गई हो। 

इस अध्ययन में दावा किया गया कि मोरनी की नजर इस पूरे समय में मोर के पैर और पंख के निचले हिस्सों की ओर ही होती है। अगर मोरनी मोर के डांस के संतुष्ट होती है तो वह जमीन पर बैठ जाएगी। मोर एक अलग आवाज के साथ उसके पास आएगा और फिर दोनों के बीच सेकेंड भर का संभोग होता है। 

संभोग की क्रिया के पहले मोर द्वारा निकाले जाने वाले आवाज ने भी जीवविज्ञानियों को चकित किया कि आखिर मोर ऐसा करता क्यों है क्योंकि ये मोर के शिकारियों को भी आकर्षित कर सकता है। हालांकि काफी शोधों के बाद वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि मोर की ये आवाज मोरनी को रिझाने में उसके विजय की घोषणा की संभावना हो सकती है। इसके अलावा ये भी हो सकता है कि भविष्य के लिए वह आसपास मौजूद दूसरी मादाओं को प्रभावित कर रहा हो।  

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